वरिष्ठ कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने गुरुवार को 40 साल पहले "लोगों की कार" मारुति 800 के लॉन्च को याद किया। उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी और राजीव गांधी ने इस कार की पृष्ठभूमि में एक शांत लेकिन बेहद प्रभावी भूमिका निभाई थी।
पूर्व पर्यावरण मंत्री रमेश ने यह भी कहा कि मारुति-सुजुकी और इसके कई प्रभावों का जश्न मनाते हुए, आइए असमानता और जलवायु परिवर्तन के दृष्टिकोण से थोड़ा रुकें और चिंता करें कि 50 प्रतिशत से ज्यादा कारों की बिक्री अब एसयूवी की है।
सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट में, रमेश ने कहा, "आज से 40 साल पहले, भारत ने एक उपभोक्ता क्रांति देखी और देश का इंजीनियरिंग उद्योग बदल गया। लोगों की कार मारुति 800 लॉन्च हुई और राष्ट्र इंदिरा गांधी और राजीव गांधी को याद करता है, जिन्होंने शांत लेकिन पृष्ठभूमि में बेहद प्रभावी भूमिका निभाई थी।"
उन्होंने कहा कि ओ सुजुकी और वी कृष्णमूर्ति को याद करना भी महत्वपूर्ण है जिन्होंने ऐतिहासिक सुजुकी-मारुति जॉइन्ट वेंचर को संभव बनाया।
रमेश ने बताया कि कृष्णमूर्ति ने पहले BHEL (बीएचईएल) का निर्माण किया था और बाद में उन्होंने SAIL (सेल) का कायाकल्प किया।
रमेश ने कहा, "वे भारत के सबसे महान सार्वजनिक क्षेत्र के प्रबंधकों में से एक हैं। उन्होंने (कृष्णमूर्ति) मुझे तीन अलग-अलग मौकों पर नौकरी की पेशकश की। लेकिन मेरी नजरें, सही या गलत, कहीं और थीं। वह सबसे सम्मोहक व्यक्तित्व थे।"
उन्होंने कहा, "चालीस साल बाद, जबकि हम मारुति-सुजुकी (जो अब सिर्फ सुजुकी है) और इसके कई प्रभावों का जश्न मनाते हैं, आइए असमानता और जलवायु परिवर्तन के दृष्टिकोण से थोड़ा रुकें और चिंता करें कि 50 प्रतिशत से ज्यादा कारों की बिक्री होती है वे एसयूवी हैं।''
14 दिसंबर, 1983 को प्रतिष्ठित मारुति 800 का जन्म हुआ जो भारत की अब तक की सबसे सफल कारों में से एक रही है।