इंडोनेशिया के राष्ट्रपति जोको विडोडो ने शनिवार को वियतनामी वाहन निर्माता VinFast (विनफास्ट) के कारखाने का दौरा किया। उन्होंने कहा कि वह बहुराष्ट्रीय कंपनी के लिए जल्दी ही इंडोनेशिया में एक प्लांट बनाने और निवेश करने के लिए जरूरी परिस्थितियां तैयार करेंगे। 3-दिवसीय वियतनाम यात्रा के समापन से पहले, उत्तरी वियतनाम के बंदरगाह शहर हाइफोंग में फैले हुए कारखाने की यात्रा पर विडोडो ने विनफास्ट इलेक्ट्रिक कार की स्टीयरिंग भी संभाली।
वियतनामी ईवी निर्माता ने कहा है कि वह इंडोनेशिया में 1.2 अरब अमरीकी डॉलर का निवेश करेगा और एक कारखाना बनाएगा जो हर साल 50,000 वाहन बनाने की क्षमता रखता है। ग्रीन एसएम, एक ईवी टैक्सी ऑपरेटर जिसका स्वामित्व ज्यादातर विनफास्ट के संस्थापक के पास है, ने भी इंडोनेशिया में 900 मिलियन अमरीकी डॉलर के निवेश की योजना की घोषणा की।
इससे पहले, विनफास्ट ने इंडोनेशियाई टेक्नोलॉजी कंपनी पीटी गो टो गोजेक टोकोपीडिया टबक के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए थे, जो गोजेक परिवहन सेवाओं की मालिक है, ताकि उनकी टैक्सी सेवा को इलेक्ट्रिक वाहनों में बदलने में मदद मिल सके।
इंडोनेशिया में विस्तार करने की विनफास्ट की योजना दुनिया भर में 50 बाजारों में ईवी बेचने के उनके वैश्विक लक्ष्य का हिस्सा है। यह ईवी को अमेरिका में निर्यात कर रहा है और उत्तरी कैरोलिना में 4 अरब अमरीकी डॉलर का ईवी कारखाना भी बना रहा है। जहां इस साल उत्पादन शुरू होने वाला है।
इस महीने की शुरुआत में विनफास्ट ने कहा था कि वह भारत में एक इलेक्ट्रिक वाहन कारखाना बनाने के लिए 2 अरब अमरीकी डॉलर तक खर्च करने की योजना बना रहा है, जो दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा वाहन बाजार है।
विनफास्ट विंग्रुप का एक हिस्सा है, जो एक विशाल समूह है जो 1990 के दशक में यूक्रेन में एक इंस्टेंट नूडल कंपनी के रूप में शुरू हुआ था। इसकी स्थापना और संचालन वियतनाम के सबसे धनी व्यक्ति फाम न्हाट वुओंग द्वारा किया जाता है।
जी-7 की सबसे विकसित अर्थव्यवस्थाओं के समूह ने वियतनाम और इंडोनेशिया दोनों को अरबों डॉलर की सहायता का वादा किया है। ताकि "जस्ट एनर्जी ट्रांजिशन पार्टनरशिप" के तहत गंदे जीवाश्म ईंधन से हटने में उनकी मदद की जा सके।