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Auto Tips: नई कार में होना ही चााहिए यह डिवाइस, वरना बाद में हो सकती है परेशानी

Mon, 24 Jun 2024 06:19 PM IST
अमित कुमार ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

अगर आप आने वाले दिनों में नई कार घर लाने की सोच रहे हैं तो एक बार इस खबर पर ध्यान दें। दरअसल नई कार में इस तकनीक का होना जरूरी है, वरना कुछ समय बाद आपकी नई कार बेकार हो सकती है। जानिए डिटेल। 
 
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Auto Tips - फोटो : Freepik
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विस्तार
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देश में हर महीने लाखों कारों की बिक्री होती है। हर महीने कारों की बिक्री बढ़ती ही है, ऐसे में सड़कों पर ट्रैफिक जाम की समस्या भी बढ़ रही है। इसी वजह से सड़क हादसों में भी इजाफा हो रहा है। अधिकतर लोग कारों की ओर बेहतर सुविधा की वजह से रुख करते हैं। अगर आप नई कार खरीदने की सोच रहे हैं तो आपको इस खबर पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए। दरअसल, बाजार में आने वाले समय में कारों को और एडवांस बनाया जाएगा। ऐसे में कार में एक खास डिवाइस को अनिवार्य किया जा सकता है। आगे पढ़िए क्या है पूरी जानकारी। 

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इंटेलीजेंस स्पीड असिस्ट तकनीक

भारत में सड़क दुर्घटनाओं में सबसे बड़ा कारण वाहन चालकों की लापरवाही होती है। जी हां, अक्सर देखा जाता है कि वाहन चालक वाहन चलाते वक्त कुछ और काम कर रहे होते हैं, जैसे- फोन पर बात करना या फिर नींद की झपकी और नशे में होना आदि। इसके अलावा कई बार कार की रफ्तार बहुत तेज होती है, जिस वजह से सड़क पर हादसा होता है। यही वजह है कि अब बाजार में आने वाली कारों में ड्राइवरों को सतर्क करने के लिए एक सिस्टम दिया जा रहा है। आपको जानकारी के लिए बता दें कि इस नए सिस्टम को इंटेलीजेंस स्पीड असिस्ट यानी आईएसए कहते हैं। 

इस सिस्टम से कम होंगे सड़क हादसे?

आईएसए सिस्टम में अगर कार की गति 80 किलोमीटर प्रतिघंटे से ऊपर जाती है तो यह सिस्टम ड्राइवर को अलर्ट कर देता है। ऐसी स्थिति में यह सिस्टम एक बीप बजाना शुरू कर देता है। वहीं, अगर कार की स्पीड 120 किलोमीटर प्रतिघंटे से आगे चली जाती है तो सिस्टम की बीप लगातार बजती रहती है। कई रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि यह सिस्टम कार की इंफोटेनमेंट स्क्रीन पर भी वाहन चालक को लगातार सचेत करती रहती है। 
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भारत में कब आएगी यह तकनीक

आईएसए तकनीक में एक कैमरा लगाया गया है। साथ ही जीपीएस द्वारा कार की रफ्तार को ट्रैक किया जाता है। इसका डेटा सीधे तौर पर सरकार के पास जाता है। ऐसे में आप ये तो जानते ही होंगे कि सरकार ने देश की हर सड़क की अलग गति सीमा निर्धारित कर रखी है। ऐसे में कार के डेटा का विश्लेषण करके यह पता लगाया जा सकता है कि क्या कार चालक गति सीमा का पालन कर रहा है या नहीं। 
कार में आईएसए डिवाइस होने से सड़क पर होने वाले हादसों को कम किया जा सकता है। ऐसे में इस तकनीक को भारतीय बाजार में लागू किया जा सकता है। हालांकि, अभी तक इस बारे में कोई भी आधिकारिक बयान सामने नहीं आया नहीं है। 
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