जीएसटी में कटौती से बढ़ी लोगों की दिलचस्पी
रिपोर्ट के मुताबिक, जुलाई के मध्य से अक्तूबर 2025 के बीच दोपहिया वाहनों की ऑनलाइन सर्च में 306 फीसदी और चारपहिया वाहनों में 193 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यह बढ़त सीधे तौर पर सरकार की नई जीएसटी नीति से जुड़ी हुई है।
नई टैक्स दरों के तहत-
- छोटी कारों (1,200cc पेट्रोल / 1,500cc डीजल और 4 मीटर से कम लंबाई) पर अब 18 प्रतिशत जीएसटी लगेगा, जो पहले 28 प्रतिशत था।
- बड़ी गाड़ियों, जैसे एसयूवी और सेडान, पर अब 40 प्रतिशत का फ्लैट जीएसटी तय किया गया है।
इस बदलाव से छोटी और एंट्री-लेवल गाड़ियाँ पहले से काफी सस्ती हो गई हैं, वहीं कॉम्पैक्ट एसयूवी और प्रीमियम सेगमेंट में भी खरीदारों का रुझान बढ़ गया है।
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दोपहिया वाहनों में सबसे तेज उछाल
दोपहिया गाड़ियां इस उछाल की सबसे बड़ी वजह बनी हैं। कम दाम, आसान लोन और छोटे शहरों में बढ़ती डिमांड की वजह से स्कूटर और बाइक की बिक्री तेजी से बढ़ रही है। खासकर इलेक्ट्रिक स्कूटर और कम्यूटर मोटरसाइकिल लोगों की पहली पसंद बन रहे हैं, क्योंकि पेट्रोल बचत अब एक बड़ा फैक्टर बन गया है।
चार-पहिया गाड़ियों में एसयूवी का जलवा
चार-पहिया वाहनों की बात करें तो कॉम्पैक्ट एसयूवी सर्च लिस्ट में टॉप पर हैं। त्योहारी सीजन हमेशा से कार खरीदने का अच्छा समय माना जाता है, और इस साल खरीदारों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।
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बजट से लग्जरी की ओर शिफ्ट हो रहे खरीदार
मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि अब ग्राहक सिर्फ सस्ती गाड़ियों तक सीमित नहीं हैं। कई खरीदार अब हैचबैक से एसयूवी की तरफ बढ़ रहे हैं, जबकि कुछ इलेक्ट्रिक कारों में भी दिलचस्पी दिखा रहे हैं। बेहतर सड़कों, बढ़ती आय और सरकारी नीतियों ने लोगों की खरीदारी की सोच को बदल दिया है।
इसके अलावा, अब लोग उन गाड़ियों को ज्यादा पसंद कर रहे हैं जिनमें ADAS फीचर, सनरूफ, डिजिटल डैशबोर्ड और हाइब्रिड इंजन जैसी आधुनिक सुविधाएं मिलती हैं। यानी अब कीमत से ज्यादा फीचर वैल्यू मायने रख रही है।
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ऑटो इंडस्ट्री के लिए क्या मतलब है यह ट्रेंड
बढ़ती ऑनलाइन सर्च और खरीदारी की तैयारी यह दिखाती है कि आने वाली तिमाही में पिछले दो वर्षों में सबसे ज्यादा बिक्री हो सकती है। अगर यह रुझान जारी रहा तो भारत का ऑटो सेक्टर नई ग्रोथ साइकिल में प्रवेश कर सकता है। जिसे आगे बढ़ा रहे हैं टेक्नोलॉजी, सरकारी राहत और बदलते उपभोक्ता ट्रेंड।
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