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EV Charging: भारत में 29,000 से ज्यादा ईवी चार्जिंग स्टेशन, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को मिली नई रफ्तार

Tue, 16 Dec 2025 08:28 PM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

मंगलवार को भारतीय संसद को बताया गया कि देश में अब कुल 29,151 इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन हैं। मौजूदा चार्जिंग नेटवर्क में 8,805 फास्ट चार्जिंग स्टेशन और 20,346 स्लो चार्जिंग स्टेशन शामिल हैं। 
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चार्जिंग स्टेशन - फोटो : AI
भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने की दिशा में चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर तेजी से मजबूत हो रहा है। संसद को मंगलवार को दी गई जानकारी के अनुसार, देश में अब कुल 29,151 इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन स्थापित हो चुके हैं। यह आंकड़ा बताता है कि ईवी को अपनाने के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचे के मोर्चे पर सरकार और निजी क्षेत्र दोनों की गतिविधियां तेज हुई हैं।

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Electric Vehicles Charging Station - फोटो : Freepik
फास्ट और स्लो चार्जिंग स्टेशनों की स्थिति
लोकसभा में लिखित जवाब में भारी उद्योग राज्य मंत्री भूपतिराजू श्रीनिवास वर्मा ने बताया कि मौजूदा चार्जिंग नेटवर्क में 8,805 फास्ट चार्जिंग स्टेशन और 20,346 स्लो चार्जिंग स्टेशन शामिल हैं। फास्ट चार्जर्स की बढ़ती संख्या लंबी दूरी की यात्रा और व्यावसायिक ईवी उपयोग के लिए अहम मानी जा रही है, जबकि स्लो चार्जिंग स्टेशन शहरी और घरेलू जरूरतों को पूरा कर रहे हैं।

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Electric car EV charging battery at charger station - फोटो : Freepik
पीएम ई-ड्राइव के तहत चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर
सरकार ने पीएम ई-ड्राइव योजना के तहत देशभर में ईवी चार्जिंग नेटवर्क को और विस्तार देने के लिए 2,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। यह योजना 1 अप्रैल 2024 से लागू होगी और इसमें सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशनों की स्थापना के साथ-साथ टेस्टिंग एजेंसियों को मजबूत करने पर भी ध्यान दिया जाएगा।

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Electric Car - फोटो : Freepik
फेम इंडिया फेज-2 की उपलब्धियां
फेम इंडिया योजना का दूसरा चरण पांच वर्षों तक चला और 31 मार्च 2024 को समाप्त हुआ। 11,500 करोड़ रुपये के बजट वाली इस योजना के तहत अब तक 16,71,606 इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री को समर्थन मिला, जबकि 6,862 ई-बसों को मंजूरी दी गई। इस चरण ने भारत में ईवी बाजार की नींव को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई।

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चार्जिंग स्टेशनों पर भी खतरा - फोटो : AI
तेल कंपनियों की भूमिका भी अहम
मंत्री ने यह भी बताया कि देश की तीन प्रमुख तेल विपणन कंपनियों ने 8,932 इलेक्ट्रिक वाहन सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए हैं। पारंपरिक ईंधन नेटवर्क के साथ ईवी चार्जिंग को जोड़ने से चार्जिंग सुविधाओं की पहुंच तेजी से बढ़ी है, खासकर हाईवे और प्रमुख शहरी क्षेत्रों में।

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Electric Vehicles - फोटो : Freepik
निजी निवेश के लिए खुला क्षेत्र
इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन स्थापित करना एक अनियमित गतिविधि है, जिसका मतलब है कि निजी उद्यमी भी इस क्षेत्र में निवेश कर सकते हैं। यह व्यवस्था विद्युत मंत्रालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के तहत की जाती है, जिससे निजी भागीदारी को बढ़ावा मिल रहा है और चार्जिंग नेटवर्क तेजी से फैल रहा है।

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Electric Car Charging - फोटो : Freepik
बैटरी मैन्युफैक्चरिंग पर भी सरकार का फोकस
चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ-साथ सरकार बैटरी निर्माण को भी प्राथमिकता दे रही है। भारी उद्योग मंत्रालय एडवांस्ड केमिस्ट्री सेल (ACC) बैटरी स्टोरेज के लिए प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव योजना लागू कर रहा है, जिसे मई 2021 में 18,100 करोड़ रुपये के बजट के साथ मंजूरी दी गई थी। इसका लक्ष्य देश में 50 गीगावॉट-घंटा की घरेलू बैटरी निर्माण क्षमता विकसित करना है।

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Electric Car Charging - फोटो : Freepik
भविष्य की तैयारी और नई योजनाएं
इसके अलावा, कम से कम दस निर्माताओं ने अगले पांच वर्षों में लगभग 178 GWh की संयुक्त बैटरी निर्माण क्षमता स्थापित करने की योजना की घोषणा की है। वहीं, केंद्रीय मंत्रिमंडल ने सिण्टर्ड रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट के उत्पादन को प्रोत्साहित करने के लिए 7,280 करोड़ रुपये की योजना को भी मंजूरी दी है, जिसके तहत देश में 6,000 मीट्रिक टन प्रति वर्ष की एकीकृत उत्पादन क्षमता विकसित की जाएगी।

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Electric Car - फोटो : FREEPIK
ईवी इकोसिस्टम की ओर मजबूत कदम
चार्जिंग स्टेशनों, बैटरी निर्माण और नीतिगत समर्थन के साथ भारत का इलेक्ट्रिक वाहन इकोसिस्टम तेजी से आकार ले रहा है। सरकार का मानना है कि इन पहलों से न सिर्फ ईवी अपनाने में तेजी आएगी, बल्कि आत्मनिर्भर और टिकाऊ मोबिलिटी की दिशा में देश को मजबूती मिलेगी।

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