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Car Parking: बंगलूरू में सैकड़ों लोगों को टैक्स नोटिस, वजह बनी पार्किंग एरिया की जानकारी नहीं देना!

Thu, 07 Aug 2025 11:21 PM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

बंगलूरू के सैकड़ों घर मालिक इन दिनों गुस्से में हैं क्योंकि उन्हें ब्रुहत बंगलूरू महानगर पालिक (बीबीएमपी) की ओर से टैक्स नोटिस मिले हैं। इसकी वजह है उन्होंने अपनी प्रॉपर्टी के ई-खाता में कार पार्किंग की जगह का जिक्र नहीं किया।
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Representative Image - फोटो : PTI
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विस्तार
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बंगलूरू के सैकड़ों घर मालिक इन दिनों गुस्से में हैं क्योंकि उन्हें ब्रुहत बंगलूरू महानगर पालिक (BBMP) (बीबीएमपी) की ओर से टैक्स नोटिस मिले हैं। इसकी वजह है उन्होंने अपनी प्रॉपर्टी के ई-खाता में कार पार्किंग की जगह का जिक्र नहीं किया। लेकिन असल में यह सब एक तकनीकी गड़बड़ी की वजह से हुआ है। 
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क्या है e-Khata और नया नियम?
e-Khata (ई-खाता) एक डिजिटल प्रॉपर्टी सर्टिफिकेट है, जो ऑनलाइन सिस्टम में प्रॉपर्टी की मिल्कियत का रिकॉर्ड रखता है। यह सिस्टम 1 जुलाई 2025 से बंगलूरू में अनिवार्य कर दिया गया है।
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क्या है विवाद की असली वजह
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, कई घर मालिकों को इसलिए नोटिस मिल गया क्योंकि उन्होंने अपनी प्रॉपर्टी की कारपेट एरिया में कार पार्किंग की जगह नहीं जोड़ी थी।

रिपोर्ट के मुताबिक, रिचमंड टाउन निवासी रजत राव ने बताया, "मेरे अपार्टमेंट की कार पार्किंग के लिए टैक्स नोटिस आया है, जबकि पार्किंग की माप खुद बीबीएमपी ने तय कर दी, बिना दस्तावेज देखे या साइट पर जांच किए।"

बीबीएमपी अधिकारियों के मुताबिक, ये नोटिस ‘कावेरी’ नाम के नए सॉफ्टवेयर सिस्टम की वजह से भेजे गए, जो EPID और e-Khata में दर्ज प्रॉपर्टी डिटेल्स के बीच मेल न खाने पर अलर्ट देता है।

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सबसे ज़्यादा प्रभावित शांति नगर के निवासी
रिपोर्ट में बताया गया कि शांति नगर विधानसभा क्षेत्र के निवासी सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं क्योंकि सबसे पहले वहीं ई-खाता सिस्टम लागू किया गया था।

लोगों का कहना है कि बंगलूरू के प्रभारी मंत्री और डिप्टी सीएम डी.के. शिवकुमार को इस मामले में दखल देना चाहिए। एक नाराज घर मालिक ने कहा, "जब सिस्टम में खामी है, तो भुगतना हमें क्यों पड़े?"।

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"हमें दोष क्यों दिया जा रहा है"
येलहंका के निवासी विजय कुमार ने बताया, "मैंने जब यह मुद्दा उठाया तो मुझे बीबीएमपी की ई-कोर्ट में अपील करने को कहा गया। ये तो सरासर मजाक है! मैं उस गलती के लिए अपील क्यों करूं जो मेरी है ही नहीं?"

एक और निवासी, सुधींद्र हलप्पा गौड़ा ने कहा, "सिर्फ हम मिडिल क्लास लोग ही क्यों भुगतें? बड़े अफसर और नेता जो टैक्स तक नहीं भरते, उन्हें कोई सजा नहीं मिलती।"

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BBMP की सफाई
बीबीएमपी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि यह नोटिस मैन्युअल रूप से नहीं भेजे गए हैं, बल्कि सिस्टम ने ऑटोमैटिक गड़बड़ी पकड़ी है। "अगर लोगों ने ई-खाता में गलत जानकारी डाली है, तो हम क्या कर सकते हैं?"

उन्होंने कहा कि आमतौर पर सेल डीड में कार पार्किंग की सटीक माप नहीं लिखी जाती, लेकिन वह भी प्रॉपर्टी का हिस्सा होती है और उस पर टैक्स बनता है।

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बीबीएमपी के स्पेशल कमिश्नर (रेवेन्यू), मुनिश मौदगिल ने बताया कि असल में नोटिस सिर्फ उन्हीं को भेजे जाने थे जिनकी प्रॉपर्टी डिटेल्स में 5 प्रतिशत से ज्यादा का अंतर हो। लेकिन एक तकनीकी गड़बड़ी की वजह से ये नोटिस उन लोगों को भी चले गए जिनकी डिटेल्स सही थीं। 

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गलती सुधारी जाएगी
मुनिश मौदगिल ने कहा कि जिन लोगों को गलती से नोटिस मिला है, वे अपील कर सकते हैं और उनका मामला जल्द हल कर दिया जाएगा। 

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