कोई भी गाड़ी, चाहे वह कार हो या बाइक, जब आप इसे किसी और से खरीदते हैं तो उसका ओनरशिप ट्रांसफर (स्वामित्व हस्तांतरण) करना जरूरी होता है। यह प्रक्रिया स्थानीय मोटर वाहन कानूनों द्वारा नियंत्रित होती है, और कभी-कभी मुश्किल लग सकती है। इसलिए, यहां हम आपको डिटेल जानकारी दे रहे हैं जिससे वाहन स्वामित्व को ट्रांसफर करना आपको मुश्किल नहीं लगेगा।
सबसे पहले, एक सेकंड हैंड वाहन खरीदने के बाद, आपके पास इसके स्वामित्व को हस्तांतरित करने के लिए 30 दिन का समय होता है। इस प्रक्रिया के लिए जरूरी दस्तावेजों में वैध बीमा की एक प्रति (कॉपी), मूल पंजीकरण प्रमाणपत्र (आरसी), पता का प्रमाण जैसे मतदाता पहचान पत्र, प्रदूषण नियंत्रण (पीयूसी) प्रमाणपत्र, भरा हुआ फॉर्म नंबर 29, एनसीआरबी से अपराध रिपोर्ट और भरा हुआ फॉर्म नंबर 30 शामिल हैं। इन दस्तावेजों को इकट्ठा करने के बाद, आपको इन चरणों का पालन करना होगा।
नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (एनओसी) हासिल करें
यह सिर्फ तभी जरूरी है जब वाहन आपके स्थानीय क्षेत्र के बाहर किसी आरटीओ में पंजीकृत हो। एनओसी हासिल करने के लिए, फॉर्म 28 भरें और इसे वाहन के मूल आरटीओ में जमा करें। अगर वाहन दिल्ली के बाहर पंजीकृत था, तो उस आरटीओ में फॉर्म 29 भी जमा करें।
दस्तावेजों के साथ स्थानीय आरटीओ जाएं
इनमें मूल आरसी, जीआईआर की प्रति, फॉर्म 29, फॉर्म 30, फॉर्म 35 (यदि वाहन हाइपोथिकेटेड है), फॉर्म 60 या फॉर्म 61 (सिर्फ कारों के लिए), एनओसी, पता का प्रमाण, पीयूसी प्रमाणपत्र, मालिक का वैध ड्राइविंग लाइसेंस, नए मालिक के पासपोर्ट साइज की तस्वीरें और पैन कार्ड शामिल हैं। कंपनी से व्यक्तिगत स्थानांतरण के लिए अतिरिक्त दस्तावेजों की जरूरत हो सकती है।
सभी दस्तावेज जमा करें
आरसी हस्तांतरण के लिए निर्धारित शुल्क के साथ सभी दस्तावेज जमा करें। इस प्रक्रिया में आमतौर पर लगभग 30 दिन लगते हैं, और आप ऑनलाइन ट्रांसफर की स्थिति की जांच कर सकते हैं।
गाड़ी का री-रजिस्ट्रेशन
अगर वाहन मूल रूप से आपके राज्य के बाहर पंजीकृत था, तो आपको इसे अपने स्थानीय आरटीओ के साथ री-रजिस्ट्रेशन (पुनः पंजीकृत) करना होगा। मूल आरसी, फॉर्म 20, फॉर्म 27, फॉर्म 33, फॉर्म 60 या फॉर्म 61, एनओसी, पता का प्रमाण, पीयूसी प्रमाणपत्र, मालिक का वैध ड्राइविंग लाइसेंस, नए मालिक के पासपोर्ट साइज की तस्वीरें और पैन कार्ड जैसे दस्तावेज जमा करें।
रोड टैक्स का भुगतान करें
अगर वाहन दिल्ली के बाहर पंजीकृत था तो रोड टैक्स (सड़क कर) का भुगतान करें। राशि वाहन के मूल चालान मूल्य के आधार पर होती है। आप कार की कीमत और लाइफ के आधार पर पिछले मालिक द्वारा भुगतान किए गए मूल रोड टैक्स के रिफंड के लिए भी आवेदन कर सकते हैं। टैक्स रिफंड के लिए जरूरी दस्तावेज जमा करें।