अगर आप भी कार की माइलेज को परेशान रहते हैं तो आपको बता दें कि यह कार के टाइप पर निर्भर करता है। दरअसल, हैचबैक और सेडान कार का इंजन आमतौर पर छोटा और कम ताकतवर होता है। ऐसे में इनका इंजन एक से 1.5 लीटर तक का होता है। वहीं, बड़ी गाड़ी यानी 7 सीट वाली कार एसयूवी का इंजन बड़ा होता है। इनमें 2 लीटर या फिर 2 से ज्यादा लीटर का इंजन मिलता है। इस वजह से एसयूवी में ज्यादा फ्यूल खर्च होता है।
अगर हैचबैक या फिर सेडान कार में एक घंटा एसी चलाया जाए तो छोटी कार यानी हैचबैक और सेडान कारों में 0.2 से 0.4 लीटर प्रति घंटे के हिसाब से फ्यूल खर्च होता है। वहीं, एसयूवी में एक घंटा एसी चलाने पर 0.5 से 0.7 लीटर प्रति घंटे के हिसाब से ईंधन की खपत होती है। मगर यहां पर आपको यह भी बता दें कि कार का एसी कितना फ्यूल खर्च करेगा, यह अन्य चीजों पर भी निर्भर करता है। हालांकि, यहां पर एक बात तो साफ है कि अगर कार छोटी है, मतलब कार का इंजन कम क्षमता वाला है तो एसी चलाने पर फ्यूल की खपत कम होगी। वहीं, कार का साइज बड़ा होने पर यानी अगर एसयूवी में एसी चला रहे हैं तो फ्यूल की खपत ज्यादा होगी।
यहां पर आपको बता दें कि कार में एसी फ्यूल की ज्यादा खपत करता है, अगर कार खड़ी हुई है। वहीं, अगर कार चल रही है तो इस दौरान कार का एसी कम ईंधन खर्च करेगा। दरअसल, इसके पीछे का कारण है कि कार खड़ी रहने के दौरान गाड़ी के इंजन पर अत्यधिक दबाव पड़ता है।