अधिकारी के मुताबिक, नेशनल हाईवे एक्ट के तहत अधिग्रहित जमीन को वापस करने का कोई मौजूदा प्रावधान नहीं है। अगर किसी परियोजना के लिए जमीन ली गई है लेकिन उसे इस्तेमाल नहीं किया गया, तो उसे डिनोटिफाई (अधिग्रहण रद्द) करने का विकल्प अभी उपलब्ध नहीं है।
यह भी पढ़ें - HorsePower: क्या आप जानते हैं गाड़ी में हॉर्स पावर का मतलब क्या होता है, जानें इसका परफॉर्मेंस से क्या है संबंध
सरकार अब इस कानून में संशोधन करने जा रही है, ताकि ऐसी जमीन को डिनोटिफाई कर मूल मालिक को लौटाया जा सके। इस संशोधन प्रस्ताव को पहले कैबिनेट और फिर संसद में पेश किया जाएगा, ताकि इसे कानूनी रूप दिया जा सके।
यह भी पढ़ें - Engines: इंजन कितने तरह के होते हैं? इनलाइन, वी, डब्ल्यू, बॉक्सर और रोटरी – क्या है इनका मतलब?
अधिकारी का कहना है कि यह संशोधन हाईवे निर्माण और सड़क किनारे सुविधाओं के विकास को तेज करने में मदद करेगा। इसके अलावा, यह नियम भविष्य में हाईवे इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया जा रहा है। इससे भविष्य की योजनाओं को भी बेहतर तरीके से लागू किया जा सकेगा।
यह भी पढ़ें - Mahindra XUV700: महिंद्रा ने अपनी लोकप्रिय एसयूवी XUV700 का नया ब्लैक एडिशन किया लॉन्च, जानें क्या है खास
सरकार के इस कदम से उन जमीन मालिकों को राहत मिलेगी, जिनकी जमीन अधिग्रहित तो कर ली जाती है लेकिन सालों तक उसका कोई उपयोग नहीं हो पाता। इससे हाईवे प्रोजेक्ट्स की प्लानिंग और जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और प्रभावी हो सकेगी।
यह भी पढ़ें - 2025 Tata Tiago NRG: नई टाटा टियागो NRG हुई लॉन्च, जानें कीमत, फीचर्स और इसमें क्या है खास