सरकार इलेक्ट्रिक कारों के स्थानीय मैन्युफेक्चरिंग (विनिर्माण) को प्रोत्साहित करने के लिए एक नीति तैयार कर रही है, जिसका मकसद उद्योग के लिए समान अवसर प्रदान करना है। स्थानीय विनिर्माण से कार की कुल कीमतों में कमी आने के साथ-साथ रोजगार पैदा करने के मौकों को भी बढ़ावा मिलेगा।
उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT), जो वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के तत्वावधान में संचालित होता है, ने इन कंपनियों द्वारा किए गए निवेश से जुड़े देश में वाहनों का उत्पादन कर रहे इलेक्ट्रिक चार पहिया वाहन निर्माताओं को सब्सिडी देने की एक योजना बनाने के लिए चर्चा शुरू कर दी है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक वरिष्ठ अधिकारियों ने इसकी जानकारी दी है।
Electric Vehicles
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एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने कहा, "FAME II (फास्टर एडॉप्शन एंड मैन्युफैक्चरिंग ऑफ इलेक्ट्रिक व्हीकल) के उलट, जो उपभोक्ताओं को दी जाने वाली अग्रिम सब्सिडी है, यह एक मैन्युफेक्चरिंग इंसेंटिव होगा।"
उन्होंने बताया, "सरकार स्थानीय स्तर पर इलेक्ट्रिक कारों के निर्माण के लिए वाहन निर्माताओं द्वारा किए गए निवेश से जुड़े इंसेंटिव को बढ़ाने पर विचार कर रही है।"
योजना के तहत लाभ हासिल करने के लिए कार निर्माताओं द्वारा किए जाने वाले आवश्यक निवेश की सीमा निर्धारित करने के लिए परामर्श आयोजित किए जा रहे हैं क्योंकि केंद्र इस योजना के लिए परिव्यय पर विचार कर रहा है।
Tesla Car Plant
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यह ऐसे समय में आया है जब Tesla (टेस्ला) और VinFast (विनफास्ट) जैसे विदेशी कार निर्माता और साथ ही घरेलू वाहन निर्माता जैसे मारुति सुजुकी, ह्यूंदै मोटर इंडिया, किआ, टाटा मोटर्स और महिंद्रा एंड महिंद्रा (एमएंडएम) भारतीय बाजार में कई इलेक्ट्रिक वाहन लाने पर विचार कर रहे हैं।
पीयूश गोयल
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पिछले महीने, वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा था कि कुछ ऑटोमोबाइल उद्योग प्रतिभागियों (टेस्ला के अलावा) ने भी भारत आने में रुचि व्यक्त की है, उद्योग में समान अवसर सुनिश्चित करने के लिए "सब कुछ समान रूप से किया जाएगा।" उन्होंने कहा, "मैंने कुछ अन्य ऑटो उद्योग प्रतिभागियों के साथ बातचीत की और उन्होंने यह भी संकेत दिया कि उन्हें भारत आने में रुचि है और इसलिए, मुझे विश्वास है कि यह (ईवी) भविष्य है।"
उन्होंने कहा था, "यह कुछ ऐसा है जिसे हमें आकर्षित करने की कोशिश करनी चाहिए, लेकिन सरकार का भी नौ साल से ज्यादा का ट्रैक रिकॉर्ड है, जहां हमने जो कुछ भी किया है वह समान रूप से किया है - बिना किसी भेदभाव के, बिना किसी प्राथमिकता के।"