henry ford with charkha
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गांधी जी ने फोर्ड को भेजा था चरखा
गांधी जी की सादगी से फोर्ड बेहद प्रभावित थे। महात्मा गांधी की प्रशंसा करते हुए हेनरी फोर्ड ने लिखा था, ''आपको यह बताने के लिए कि मैं आपके जीवन और संदेश की कितनी गहराई से प्रशंसा करता हूं। आप दुनिया के अब तक के सबसे महान व्यक्तियों में से एक हैं।" जिसके बाद महात्मा गांधी ने 12 हजार मील दूर मिशिगन में उन्हें एक अपने हिंदी और अंग्रेजी के हस्ताक्षरों के ऑटोग्राफ के साथ एक चरखा भी उपहार स्वरूप भिजवाया था। फोर्ड ने उम्रभर उस चरखे को गुड लक चार्म मानते हुए सादगी और आर्थिक स्वतंत्रता के सिद्धांतों के प्रतीक के रूप में संभाल कर रखा, जिसका उन्होंने और गांधी दोनों ने समर्थन किया। द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान जब अर्थव्यवस्था मंड पड़ गई थी, तब फोर्ड चरखे के बारे में कहते थे कि यह यांत्रिक सादगी और उच्च नैतिक उद्देश्य का प्रतीक है, जो 'आर्थिक स्वतंत्रता' के पहियों पर घूमता है।