हालांकि फोर्ड भारत में कौन से मॉडल बनाएगा, इस पर आखिरी फैसला होना अभी भी बाकी है। तमिलनाडु के उद्योग मंत्री टी.आर.बी. राजा ने समाचार एजेंसी को दिए एक इंटरव्यू में इशारा किया है कि ईवी उत्पादन की संभावना है। राजा ने बताया कि राज्य में हाल के निवेशकों ने इलेक्ट्रिक वाहन लाइनों पर ध्यान केंद्रित किया है। उन्होंने कहा कि इस तरह के उपक्रमों के लिए "इकोसिस्टम परिपक्व है।" फोर्ड और राज्य सरकार के बीच बातचीत कथित तौर पर इसी ट्रेंड के अनुरूप है।
फोर्ड की नई दिलचस्पी ऐसे समय में सामने आई है जब भारत अपने इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग को बढ़ावा देने के प्रयासों को तेज कर रहा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि सितंबर में फोर्ड ने तमिलनाडु सरकार को एक आशय पत्र भेजा था। जिसमें निर्यात-उन्मुख विनिर्माण के लिए अपनी चेन्नई प्लांट के इस्तेमाल करने की योजना की रूपरेखा दी गई थी। यह कदम फोर्ड को Tata Motors (टाटा मोटर्स) और वियतनामी फर्म VinFast (विनफास्ट) सहित कई घरेलू और अंतरराष्ट्रीय वाहन निर्माताओं के बीच खड़ा करता है, जो तमिलनाडु के तेजी से बढ़ते ईवी विनिर्माण क्षेत्र में भारी निवेश कर रहे हैं।
भारत सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र में विदेशी निवेश को आकर्षित करने के लिए भी कदम उठाए हैं। इस साल की शुरुआत में, इसने देश में कम से कम 500 मिलियन डॉलर का निवेश करने के इच्छुक वाहन निर्माताओं के लिए आयात शुल्क कम कर दिया। तमिलनाडु भारत के ईवी अभियान में एक प्रमुख खिलाड़ी के रूप में उभरा है। इसकी रणनीतिक स्थिति और बढ़ता औद्योगिक आधार वैश्विक निर्माताओं को आकर्षित कर रहा है।
हाल ही में कंपनी के एक बयान के अनुसार, फोर्ड, जो इस समय तमिलनाडु में वैश्विक परिचालन में 12,000 कर्मचारियों को रोजगार देता है, अगले तीन वर्षों में अपने कर्मचारियों की संख्या में लगभग 3,000 की बढ़ोतरी करने की उम्मीद करता है। संभावित विस्तार भारत के बढ़ते ऑटोमोटिव बाजार, विशेष रूप से तेजी से बढ़ते ईवी सेगमेंट का लाभ उठाने के लिए फोर्ड की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।