सबसे पहले बाइक की मौजूदा इंश्योरेंस पॉलिसी को सही तरीके से चेक करें। बाइक इंश्योरेंस पॉलिसी का प्रीमियम, कवर और सभी शर्तों को चेक करें। पॉलिसी में यह देखना है कि क्या मौजूदा पॉलिसी अभी भी आपके लिए सही है या नहीं। अगर आप इंश्योरेंस पॉलिसी में किसी तरह का बदलाव चाहते हैं तो किसी दूसरी कंपनी से भी इंश्योरेंस पॉलिसी को रिन्यू करवा सकते हैं।
बाइक इंश्योरेंस पॉलिसी में अगर आपने अभी तक कोई दावा नहीं किया है तो आपको नो क्लेम बोनस का फायदा मिल सकता है। इसका फायदा प्रीमियम में छूट के तौर पर मिल सकता है। ऐसे में इस बात का खास ध्यान रखें, क्योंकि इस वजह से प्रीमियम की रकम कम हो सकती है। इसलिए यह चेक करें कि पॉलिसी में इसे सही तरीके से लागू किया गया है या नहीं।
बाइक इंश्योरेंस पॉलिसी में इंश्योर्ड डिक्लेयर्ड वैल्यू यानी आईडीवी काफी मायने रखता है। आईडीवी आपकी बाइक की बाजार की कीमत को दिखाता है। ऐसे में जरूरी है कि इसे सही तरीके से निर्धारित किया जाए, क्योंकि यह इंश्योरेंस की प्रीमियम को प्रभावित करता है। अगर आईडीवी कम या फिर ज्यादा होगा तो आने वाले सालों में इसका बुरा असर पड़ सकता है। ऐसे में जरूरी है कि बाजार में अपनी बाइक की सही कीमत का पता करें।
अगर आप बाइक इंश्योरेंस पॉलिसी को लंबे समय तक के लिए लेना चाहते हैं तो किसी लॉन्ग टर्म पॉलिसी का चयन करें। इससे एक बार में ही कई सालों तक का कवर और फायदे मिलते हैं। साथ ही प्रीमियम की रकम भी कम लगती है।
बाइक इंश्योरेंस पॉलिसी को रिन्यू करने से पहले बाजार में मौजूद अन्य पॉलिसी के साथ तुलना कर सकते हैं। ऐसा करने पर आपको प्रीमियम, कवर, फायदे और क्लेम लेने की प्रक्रिया के बारे में सही जानकारी मिल जाएगी। ऐसे में आप बेहतर पॉलिसी का चयन कर सकते हैं।