फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Vin Number: हर वाहन में होता है यूनिक नंबर, छुपी होती हैं ये खास जानकारियां, जानें कैसे लगाएं पता

Mon, 20 Feb 2023 12:42 PM IST
समीर गोयल ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

वाहन निर्माताओं की ओर से सभी वाहनों में एक खास नंबर दिया जाता है। जिसके जरिए वाहन की जानकारी मिल सकती है। यह नंबर कहां होता है और इससे कैसे जानकारी मिल सकती है। आइए जानते हैं।

विज्ञापन
1 of 6
मारुति सेलेरियो - फोटो : maruti suzuki

देशभर में वाहन बनाने वाली सभी कंपनियां अपने-अपने वाहनों पर एक खास नंबर को प्रिंट करती हैं। यह नंबर एक तरह का खास नंबर होता है, जिसके जरिए वाहन की पूरी जानकारी मिल सकती है। यह नंबर कहां होता है और इससे किस तरह से वाहन से जुड़ी जानकारियां हासिल की जा सकती है। इसकी जानकारी हम आपको इस खबर में दे रहे हैं।

विज्ञापन

क्या होता है यूनिक नंबर

2 of 6
For Reference Only - फोटो : सोशल मीडिया

जिस तरह सरकार की ओर से सभी वाहनों के रजिस्ट्रेशन के समय एक खास नंबर दिया जाता है। वैसे ही वाहन निर्माताओं की ओर से सभी वाहनों के लिए एक यूनिक नंबर दिया जाता है। वाहन बनाने के समय ही इस नंबर को वाहन पर प्रिंट किया जाता है। इस यूनिक नंबर को विन नंबर भी कहा जाता है। जिसका पूरा अर्थ व्हीकल आइडेंटिफिकेशन नंबर होता है।

यह भी पढ़ें - PUC Certificate: क्या होता है पीयूसी सर्टिफिकेट, कैसे और कहां मिलता है, यहां मिलेगी पूरी जानकारी

विज्ञापन

हर वाहन पर होता है विन नंबर

3 of 6
For Reference Only - फोटो : सोशल मीडिया

विन नंबर हर वाहन में काफी महत्वपूर्ण होता है। चाहें मोटरसाइकिल हो, कार हो या फिर बस और ट्रक। सभी तरह के वाहनों पर कंपनियों की ओर से इस नंबर को प्रिंट किया जाता है। बिना विन नंबर के कोई भी वाहन कंपनी के बाहर नहीं जा सकता। रजिस्ट्रेशन के समय भी इस नंबर की जानकारी आटीओ के जरिए सरकार को मिलती है।

यह भी पढ़ें - Car Suspension: कार का सस्पेंशन कभी नहीं होगा खराब, जानें फिट रखने का सही तरीका

क्यों होता है महत्वपूर्ण

4 of 6
For Reference Only - फोटो : सोशल मीडिया

विन नंबर का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि इसमें वाहन के बनाने के साथ ही कंपनी की जानकारी भी होती है। इसके साथ ही इस नंबर के जरिए महाद्वीप, देश, वाहन निर्माता, इंजन कोड, ट्रांसमिशन कोड, किस वर्ष में बनाया गया, किस प्लांट में बनाया गया, किस महीने में बनाया गया और वाहन का खास नंबर होता है।

यह भी पढ़ें -  CNG: कार में बाहर से सीएनजी लगवाना कितना नुकसानदेह, सिर्फ पांच पॉइंट्स में जानें हर बात
 

विज्ञापन

कब आता है काम

5 of 6
अखनूर में वाहन में लगी आग - फोटो : संवाद

सड़क पर वाहन चलाने के लिए सरकार हर तरह के वाहनों का रजिस्ट्रेशन करती है। रजिस्ट्रेशन के बाद हर वाहन को राज्य और आरटीओ के मुताबिक नंबर दिया जाता है। जिससे वाहन की पहचान होती है। लेकिन अगर कोई वाहन हादसे का शिकार हो जाए या फिर चोरी हो जाए। ऐसी किसी भी तरह की घटना के समय वाहन का विन नंबर काफी काम आता है। इसके अलावा पुराने वाहन को खरीदने से पहले आप विन नंबर के जरिए उसकी पूरी जानकारी हासिल कर सकते हैं। कंपनियां भी अगर किसी खास परेशानी के कारण किसी मॉडल को रिकॉल करती हैं तो भी विन नंबर के जरिए ही वाहन की पहचान हो पाती है।

यह भी पढ़ें - Car AC: कार के एसी से जल्दी ठंडी हवा पाने का ये है आसान उपाय, सिर्फ एक बटन से होगा काम

विज्ञापन
विज्ञापन

कितने अंकों का होता है विन नंबर

6 of 6
For Reference Only - फोटो : सोशल मीडिया

आमतौर पर वाहन निर्माताओं की ओर से जो विन नंबर प्रिंट किया जाता है। वह 17 अंकों का होता है। वहीं कुछ कंपनियां 19 अंकों का विन नंबर भी अपने वाहनों पर प्रिंट करती हैं। इसमें पहला अंक महाद्वीप को दर्शाता है। दूसरे अंक से देश की जानकारी मिलती है। तीसरे अंक से वाहन निर्माता, चौथे और पांचवें अंक से लेफ्ट हैंड या राइड हैंड ड्राइव, छठे अंक से फोर व्हील ड्राइव या टू व्हील ड्राइव, सातवें और आठवें अंक से इंजन कोड, नौवें अंक से ट्रांसमिशन कोड, 10वें अंक से वर्ष की जानकारी, 11वें अंक से प्लांट की जानकारी, 12वें अंक से महीने की जानकारी और बाकी 13 से 17 या 19 अंकों से वाहन के सीरियल नंबर की जानकारी मिलती है।
 

यह भी पढ़ें - High Beam Light: हाई बीम पर चलाते हैं कार तो हो जाएं सतर्क, नहीं तो होगा बड़ा नुकसान

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें