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EV Fire: आयातित बैटरी भारतीय परिस्थितियों के लिए शायद उपयुक्त न हों, नीति आयोग के सदस्य का बयान

Mon, 09 May 2022 06:33 PM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

इलेक्ट्रिक वाहनों में आग लगने की कई घटनाओं के बीच, नीति आयोग के सदस्य और प्रख्यात वैज्ञानिक वी के सारस्वत ने एक अहम बयान दिया है।
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ओला इलेक्ट्रिक S1 Pro स्कूटर में लगी आग (फाइल) - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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इलेक्ट्रिक वाहनों में आग लगने की कई घटनाओं के बीच, नीति आयोग के सदस्य और प्रख्यात वैज्ञानिक वी के सारस्वत ने कहा है कि इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए इंपोर्टेड (आयातित) बैटरी सेल देश की परिस्थितियों के लिए उपयुक्त नहीं हो सकते हैं और स्थानीय स्तर पर सेल के निर्माण की आवश्यकता पर जोर दिया।
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सारस्वत की टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब अधिकारी ऐसी घटनाओं की जांच कर रहे हैं। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने हाल ही में कहा था कि विशेषज्ञ पैनल द्वारा अपनी रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद सभी दोषपूर्ण वाहनों को वापस मंगाने का आदेश दिया जाएगा।

हाल के दिनों में, इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) में आग लगने की कई घटनाएं हुई हैं और इसकी वजह से लोगों की मौत हुई है और इसके साथ-साथ गंभीर रूप से घायल भी हुए हैं।
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"बैटरी टेक्नोलॉजी एक उभरती हुई तकनीक है। भारत फिलहाल बैटरी सेल का निर्माण नहीं करता है।

सारस्वत ने पीटीआई से कहा, "... हमें जल्द से जल्द अपना खुद का सेल मैन्युफेक्चरिंग प्लांट स्थापित करना चाहिए। हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि हम जो भी सेल बनाते हैं, वे उच्च तापमान की भारतीय परिस्थितियों के लिए उपयुक्त हों।"
 

Pure EV Scooter Fire - फोटो : For Reference Only
सारस्वत रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) के पूर्व प्रमुख भी हैं। उन्होंने कहा कि आग बैटरी की खराब गुणवत्ता के कारण हो सकती है जो उच्च तापमान और उष्णकटिबंधीय जलवायु (ट्रॉपिकल क्लाइमेट) के लिए डिजाइन नहीं की गई हैं।

उन्होंने कहा, "भारत को जो (बैटरी) सेल मिल रहे हैं, वह भारतीय परिस्थितियों के लिए उपयुक्त नहीं हो सकता है ... इसलिए महत्वपूर्ण यह है कि जब हम बैटरी आयात करते हैं, तो हमें अपनी स्क्रीनिंग और कठोर टेस्टिंग प्रणाली खुद करनी चाहिए।"

उन्होंने यह भी नोट किया कि कुछ ऐसे देश हैं जिनके पास विकसित बैटरी हैं जो उच्च तापमान पर काम कर सकती हैं।

यह पूछे जाने पर कि क्या आग की घटनाएं ईवी में अग्रणी बनने के भारत के प्रयासों को कमजोर कर सकती हैं, सारस्वत ने कहा, "हम जो देख रहे हैं वह यह है कि जिस तरह की दुर्घटनाएं हो रही हैं, उसका निश्चित रूप से ऑटोमोबाइल क्षेत्र में बैटरी के एंट्री पर कुछ प्रभाव पड़ेगा।"
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EV Fire in Nashik - फोटो : Twitter
हाल ही में, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि लापरवाही करने वाली कंपनियों को दंडित किया जाएगा और विशेषज्ञ पैनल द्वारा अपनी रिपोर्ट पेश करने के बाद सभी दोषपूर्ण वाहनों को वापस मंगाने का आदेश दिया जाएगा।

पिछले महीने, सरकार ने पुणे में राइड-हेलिंग ऑपरेटर ओला की इलेक्ट्रिक मोबिलिटी शाखा द्वारा लॉन्च किए गए एक ई-स्कूटर में आग लगने के बाद जांच का आदेश दिया था।

मंत्रालय के अनुसार सेंटर फॉर फायर एक्सप्लोसिव एंड एनवायरनमेंट सेफ्टी (सीएफईईएस) को इलेक्ट्रिक वाहनों में आग लगने की घटनाओं की जांच करने और सुरक्षात्मक उपाय सुझाने के लिए कहा गया है।
 
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