अलपाइन पहाड़ियों से लेकर जर्मन हाईवे तक की यात्रा
यह ड्राइव एकदम असली सड़क स्थितियों में की गई थी, जिसमें पर्वतीय रास्ते, हाइवे और सामान्य सड़कें शामिल थीं। इससे यह साबित हुआ कि लुसिड की कारें न लिर्फ लग्जरी हैं बल्कि टिकाऊ और बहुउपयोगी भी हैं। यह लुसिड का दूसरा गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड है। पहला रिकॉर्ड 2024 में बना था, जब यही मॉडल नौ देशों की यात्रा एक ही चार्ज में कर चुकी थी। इन दोनों अभियानों की योजना और संचालन लंदन के उद्यमी उमित साबांजी ने किया।
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तकनीक जिसने ये कमाल कर दिखाया
लुसिड एयर ग्रैंड टूरिंग की इस सफलता के पीछे एक बेहद एडवांस्ड इलेक्ट्रिक सिस्टम है, जो निम्नलिखित खूबियों के साथ आता है:
- WLTP रेंज: 960 किलोमीटर
- ऊर्जा खपत: प्रति 100 किलोमीटर में सिर्फ 13.5 kWh
- पावर: 831 पीएस
- टॉप स्पीड: 270 किमी प्रति घंटा
- अल्ट्रा-फास्ट चार्जिंग: सिर्फ 16 मिनट में 400 किमी तक की रेंज
यह परफॉर्मेंस सिर्फ लैब में नहीं, बल्कि वास्तविक दुनिया की ड्राइविंग में हासिल की गई है। इसका हाई-वोल्टेज आर्किटेक्चर और स्मार्ट बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम ऊर्जा की अधिकतम बचत और बेहतर रेंज सुनिश्चित करता है।
लुसिड के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट और चीफ इंजीनियर एरिक बाख ने इस रिकॉर्ड को इलेक्ट्रिक व्हीकल इंडस्ट्री में तकनीकी बढ़त का प्रतीक बताया।
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सऊदी अरब और लुसिड का गहरा रिश्ता
हालांकि लुसिड का मुख्यालय कैलिफोर्निया में है, लेकिन इसकी भविष्य की योजनाएं सऊदी अरब से गहराई से जुड़ी हुई हैं। पब्लिक इन्वेस्टमेंट फंड (PIF) जो कि सऊदी अरब की सरकारी निवेश इकाई है, लुसिड की करीब 60 प्रतिशत हिस्सेदारी रखती है। यही फंड विजन 2030 के तहत सऊदी की औद्योगिक रणनीति को आगे बढ़ा रहा है।
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सितंबर 2023 में लुसिड ने किंग अब्दुल्लाह इकोनॉमिक सिटी (KAEC) में अपनी पहली इंटरनेशनल असेंबली यूनिट शुरू की थी। जहां शुरुआत में 800 वाहन तैयार किए गए। भविष्य में इस प्लांट की क्षमता को बढ़ाकर 1.5 लाख यूनिट प्रतिवर्ष करने की योजना है।
सरकार के साथ एक समझौते के तहत लुसिड अगले 10 वर्षों में सऊदी अरब को 1 लाख इलेक्ट्रिक गाड़ियां सप्लाई करेगी। जिससे लोकल मार्केट को सपोर्ट मिलेगा और एक्सपोर्ट के लिए आधार तैयार होगा।
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