सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने गुरुवार को लोकसभा को बताया कि सरकार ने पिछले एक हफ्ते में दोपहिया इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) में आग लगने की चार घटनाओं को बहुत गंभीरता से लिया है और फॉरेंसिक जांच के बाद निर्माताओं के खिलाफ उचित कार्रवाई करेगी।
उन्होंने यह भी कहा कि 25 मार्च तक, देश में 10,76,420 इलेक्ट्रिक वाहनों का रजिस्ट्रेशन हुआ था और 1,742 सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन चालू थे।
उन्होंने प्रश्नकाल के दौरान कहा, "पिछले एक हफ्ते में दोपहिया वाहनों में आग लगने की कुल चार घटनाएं हुई हैं और यह एक बहुत ही गंभीर मुद्दा है। हमने सेंटर फॉर फायर एक्सप्लोसिव एंड एनवायरनमेंट सेफ्टी (CFEES), डीआरडीओ और आईआईएससी, बेंगलुरु के विशेषज्ञों से हर एक घटना की फॉरेंसिक जांच का आदेश दिया है।"
मंत्री ने कहा कि ईवी और बैटरी की मंजूरी के लिए भारत के मानक ग्लोबल स्टैंडर्ड के मुताबिक हैं और दुर्घटनाओं के पीछे सटीक तकनीकी कारण पता चलने के बाद सरकार उचित कार्रवाई करेगी।
ओला इलेक्ट्रिक S1 Pro स्कूटर में लगी आग
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उन्होंने कहा, "हम विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं। रिपोर्ट मिलने के बाद हम पता लगाएंगे कि इसके पीछे क्या कारण है। उस रिपोर्ट के आधार पर हम निर्माता के खिलाफ उचित कार्रवाई करेंगे।"
हालांकि गडकरी ने कहा कि उन्होंने महसूस किया कि इन घटनाओं का स्पष्ट कारण बहुत ज्यादा तापमान था।
उन्होंने कहा, "हम अभी भी विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं। विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट मिलने के बाद हम उचित कार्रवाई करेंगे। हम लोगों की सुरक्षा के लिए भी पर्याप्त उपाय करेंगे।"
सेंटर फॉर फायर एक्सप्लोसिव एंड एनवायरनमेंट सेफ्टी (CFEES) DRDO लैब के SAM (सिस्टम एनालिसिस एंड मॉडलिंग) क्लस्टर का हिस्सा है।
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एक अन्य पूरक सवाल का जवाब देते हुए, गडकरी ने कहा कि केंद्र सरकार पर्यावरण और पारिस्थितिकी और पर्यावरण के संरक्षण पर पेरिस समझौते के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि सरकार का राष्ट्रीय राजमार्गों पर 650 सड़क किनारे सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रस्ताव है, जिनमें से 40 पर काम शुरू हो चुका है।