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EV: ईवी, हाइब्रिड, प्लग-इन हाइब्रिड भारत के स्वच्छ ऊर्जा ऑटो क्षेत्र का करेंगे नेतृत्व, रिपोर्ट में खुलासा

Sat, 14 Sep 2024 11:25 PM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

भारतीय ऑटोमोबाइल सेगमेंट का इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की ओर बदलाव, सिर्फ ईवी पर ही निर्भर नहीं होगा। बल्कि इसमें हाइब्रिड वाहन और प्लग-इन हाइब्रिड वाहन भी शामिल होंगे।
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Electric Car - फोटो : Freepik
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विस्तार
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भारतीय ऑटोमोबाइल सेगमेंट का इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की ओर बदलाव, सिर्फ ईवी पर ही निर्भर नहीं होगा। बल्कि इसमें हाइब्रिड वाहन और प्लग-इन हाइब्रिड वाहन भी शामिल होंगे। हाइब्रिड वाहन अपनी बैटरी को इंजन से चार्ज करते हैं और प्लग-इन हाइब्रिड वाहनों में बाहरी चार्जर का विकल्प होता है। 
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एलारा सिक्योरिटीज की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि ईवी का कंबिनेशन, जिसमें हाइब्रिड वाहन और प्लग-इन हाइब्रिड शामिल हैं, भारत में सिर्फ इलेक्ट्रिक मोबिलिटी सॉल्यूशंस पर निर्भर रहने के बजाय क्लीन एनर्जी सॉल्यूशंस (स्वच्छ ऊर्जा समाधानों) की ओर बदलाव को बढ़ावा देगा। 

एलारा सिक्योरिटीज द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार, भारत में ईवी सेगमेंट में अच्छी बढ़ोतरी देखी गई। 2023 में वैश्विक स्तर पर इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री 14 मिलियन तक पहुंची। इस अवधि में भारत ने 90 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर दर्ज की। भारत सरकार का लक्ष्य 2030 तक 30 प्रतिशत ईवी पैठ हासिल करना है। ईवी पैठ के लिए प्रमुख सक्षमकर्ता चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास, एडवांस्ड बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम और ऑटो निर्माताओं द्वारा नए ईवी मॉडल जारी करना महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। 

रिपोर्ट के अनुसार, भारत के ऑटोमोटिव व्यवसाय के भविष्य को निर्धारित करने वाले महत्वपूर्ण कारकों में से एक सॉफ्टवेयर-परिभाषित वाहनों (एसडीवी) का आना है। इन वाहनों में इंटीग्रेटेड सिस्टम के लिए, वे इलेक्ट्रॉनिक्स, सॉफ्टवेयर और इलेक्ट्रिकल आर्किटेक्चर के इंटीग्रेशन (एकीकरण) पर बहुत ज्यादा निर्भर करते हैं।  

इसमें आगे कहा गया है कि ऐसे वाहन एडवांस्ड फीचर्स और सर्विस देते हैं जिनका मॉनेटाइजेशन (मुद्रीकरण) किया जा सकता है। और OEM को अपने व्यवसाय मॉडल को हार्डवेयर-केंद्रित से सॉफ्टवेयर और स्मार्ट समाधान-संचालित संचालन में बदलने के लिए प्रेरित कर सकते हैं। 

रिपोर्ट के मुताबिक, अगले 5-6 वर्षों में, लगभग 200,000 चार्जर की जरूरत होगी, जिसमें प्रत्येक 50 वाहनों के लिए 1 चार्जर होगा। CY30 तक, कनेक्टेड कार अपनाने की दर 75-80 प्रतिशत तक पहुंचने की उम्मीद है। और ADAS अपनाने की दर 45 प्रतिशत तक पहुंचनी चाहिए। जिससे BEV (बैटरी इलेक्ट्रिक व्हीकल) को अपनाना ज्यादा आकर्षक हो जाएगा।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, जानकारी कहते हैं कि ओईएम टेक्नोलॉजी को शामिल करके और उपभोक्ताओं को कनेक्टेड सर्विस प्रदान करके स्मार्ट सॉल्यूशंस से मूल्य निकाल रहे हैं। 

रिपोर्ट बताती है कि ऑन-डिमांड मोबिलिटी सर्विस, इंटरनेट कनेक्टिविटी, इलेक्ट्रिफिकेशन, ऑटोनॉमस ड्राइविंग और मोबिलिटी-एज-ए-सर्विस जैसी चीजें, उद्योग के भविष्य के लिए एक परिवर्तनकारी विकास का प्रतिनिधित्व करती हैं। 
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रिपोर्ट के अनुसार, भारत का ऑटोमोटिव क्षेत्र तकनीकी प्रगति, सहयोगात्मक प्रयासों और टिकाऊ गतिशीलता की ओर एक मजबूत कदम से प्रेरित बदलाव के लिए तैयार है। स्वच्छ ऊर्जा की ओर बदलाव के कई रास्ते होंगे, जिसमें ईवी, हाइब्रिड और प्लग-इन हाइब्रिड सबसे आगे होंगे। जिन्हें स्थानीय उत्पादन और स्मार्ट सॉल्यूशंस के एक मजबूत इकोसिस्टम का सपोर्ट हासिल होगा। 

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