फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

EV Portal: इलेक्ट्रिक कार मेकर्स के लिए खुला आवेदन पोर्टल, कम इंपोर्ट ड्यूटी के साथ मिलेंगे कई फायदे

Tue, 24 Jun 2025 04:48 PM IST
नीतीश कुमार ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Portal For Electric Car Makers: सरकार ने इलेक्ट्रिक पैसेंजर कार मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए नया पोर्टल शुरू किया है, जहां ऑटोमोबाइल कंपनियां आवेदन कर सकती हैं। योजना के तहत कम इंपोर्ट ड्यूटी के साथ निवेश करने वाली कंपनियों को खास रियायतें दी जाएंगी।
विज्ञापन
इलेक्ट्रिक कार - फोटो : Freepik
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

केंद्र सरकार ने देश में इलेक्ट्रिक पैसेंजर कारों के निर्माण को बढ़ावा देने के लिए एक नई पहल की है। भारी उद्योग मंत्री एच. डी. कुमारस्वामी ने सोमवार को एक पोर्टल लॉन्च किया, जिसके जरिए ऑटोमोबाइल कंपनियां इलेक्ट्रिक कार योजना के तहत आवेदन कर सकती हैं। यह पोर्टल 21 अक्टूबर 2025 तक खुला रहेगा।
विज्ञापन


योजना के तहत, कंपनियां अगर भारत में इलेक्ट्रिक वाहन निर्माण में निवेश का वादा करती हैं, तो उन्हें आयात शुल्क में भारी छूट दी जाएगी। मौजूदा 70-100 प्रतिशत इंपोर्ट ड्यूटी की तुलना में केवल 15 प्रतिशत ड्यूटी पर 8,000 ईवी तक आयात की अनुमति दी जाएगी, बशर्ते कंपनी 4,150 करोड़ रुपये का निवेश करे।

कुमारस्वामी ने जानकारी दी कि अमेरिकी कंपनी टेस्ला फिलहाल केवल भारत में शोरूम खोलने में रुचि दिखा रही है, न कि मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगाने में। वहीं, मर्सिडीज-बेंज ने आवेदन से पहले ही भारत में बड़े स्तर पर निवेश कर दिया है।
विज्ञापन


यह भी पढ़ें: सड़क पर दिखे पानी तो कभी न करें ये काम, वरना गाड़ी फिसलने से नहीं रोक पाएंगे

योजना के मुताबिक, आवेदन करने वाली कंपनियों को तीन साल के भीतर प्रोडक्शन शुरू करना होगा और पहले तीन वर्षों में कम से कम 25 प्रतिशत घरेलू मूल्यवर्धन (DVA) और पांच साल में 50 प्रतिशत तक बढ़ाना अनिवार्य होगा।

भारी उद्योग मंत्रालय के सचिव कमरान रिजवी ने बताया कि जर्मनी, अमेरिका, ब्रिटेन और अन्य देशों के ऑटोमोबाइल प्रमुखों को योजना से जोड़ने के लिए उनके दूतावासों को पत्र भेजे जा रहे हैं। हालांकि चीन और पाकिस्तान जैसे सीमावर्ती देशों के लिए निवेश प्रतिबंध लागू रहेंगे।

इस योजना के तहत अधिकतम 6,484 करोड़ रुपये की ड्यूटी छूट दी जा सकती है। कंपनियों को एक शेड्यूल्ड कमर्शियल बैंक से बैंक गारंटी देनी होगी, जो ड्यूटी छूट या 4,150 करोड़ रुपये (जो भी अधिक हो) के बराबर होनी चाहिए।

यह भी पढ़ें: कस्टमर के बैठते ही अपने आप चलने लगती है कैब, तेल लेने पेट्रोल पंप पर भी नहीं रुकती!
विज्ञापन


आवेदन शुल्क 5 लाख रुपये रखा गया है और केवल वही कंपनियां पात्र होंगी जिनका ग्लोबल ऑटोमोटिव रेवेन्यू कम से कम 10,000 करोड़ रुपये हो और वैश्विक फिक्स्ड एसेट्स में निवेश कम से कम 3,000 करोड़ रुपये हो।

यह योजना सबसे पहले 15 मार्च 2024 को अधिसूचित की गई थी और इसके तहत प्लांट, मशीनरी, आरएंडडी और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर पर किए गए खर्च को निवेश लाभ में शामिल किया जाएगा।
 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें