हम सभी अपने रोजमर्रा की जिंदगी में लैपटॉप, मोबाइल फोन जैसे बैटरी से चलने वाले कई तरह के उपकरणों का इस्तेमाल करते हैं। इन उपकरणों को चार्ज करना काफी आसान है। उन्हें बस प्लग इन करने और 100 प्रतिशत चार्ज लेवल तक पहुंचाने की जरूरत होती है। हालांकि, इलेक्ट्रिक वाहनों के साथ ऐसा नहीं किया जा सकता है। इलेक्ट्रिक वाहनों को ठीक से चार्ज करने के लिए कुछ बुनियादी तकनीकों का पालन करने की जरूरत पड़ती है।
इलेक्ट्रिक वाहन की बैटरी थर्मल एनर्जी (तापीय ऊर्जा) या तापमान के प्रति बेहद ज्यादा संवेदनशील होते हैं। भारत के विभिन्न हिस्से इस समय लू का सामना कर रहे हैं। जो इलेक्ट्रिक वाहन बैटरी के लिए आवश्यक डेडिकेटेड चार्जिंग टेक्नोलॉजी पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता को और बढ़ा देता है। इलेक्ट्रिक वाहन की बैटरी को कैसे चार्ज किया जा रहा है। इस बात पर इसका ज्यादातर लाइफ निर्भर करता है। साथ ही, चार्जिंग टेक्नोलॉजी यह निर्धारित करती है कि आप ईवी के साथ कितनी दूर जा सकते हैं।
यहां हम आपको कुछ अहम टिप्स बता रहे हैं। जिसे गर्मी के मौसम में इलेक्ट्रिक वाहन की बैटरी चार्ज करते समय पालन करना फायदेमंद साबित हो सकता है।
ओवरचार्ज न करें
इलेक्ट्रिक वाहन को ओवरचार्ज करने से सख्ती से बचना चाहिए। जिस तरह लैपटॉप और अन्य स्मार्ट डिवाइस को 100 प्रतिशत होने के बाद चार्ज पर नहीं छोड़ना चाहिए। उसी तरह इलेक्ट्रिक वाहनों के साथ भी किया जाना चाहिए। हालांकि ऑनबोर्ड बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम बैटरी को 100 प्रतिशत चार्ज तक पहुंचने पर चार्जिंग प्रक्रिया को ऑटोमैटिक तरीके से बंद कर देता है। लेकिन लंबे समय तक प्लग इन रहने से बैटरी की लाइफ पर बुरा असर पड़ता है।
सीधी धूप में चार्ज करने से बचें
ईवी बैटरी पैक थर्मल एनर्जी के प्रति संवेदनशील होते हैं। मॉडर्न इलेक्ट्रिक वाहनों को चलाने वाली लिथियम-आयन बैटरी तापमान में बदलाव को लेकर संवेदनशील होती हैं। उच्च तापमान के लंबे समय तक संपर्क में रहने से बैटरी खराब होने में तेजी आ सकती है। जिससे कुल क्षमता और ड्राइविंग रेंज में समय के साथ कमी आ सकती है। यही कारण है कि खासकर ऐसी भयंकर गर्मी के दिनों में सीधी धूप में इलेक्ट्रिक वाहन की बैटरी पैक को चार्ज करने से बचने की सलाह दी जाती है।
गाड़ी चलाने या सवारी करने के तुरंत बाद चार्ज न करें
इलेक्ट्रिक वाहन चलाने या सवारी करने के तुरंत बाद चार्ज करने से बचना चाहिए। लिथियम-आयन बैटरी पैक गाड़ी चलाते समय बहुत गर्म हो जाती हैं। साथ ही, चार्ज करते समय भी बैटरी पैक गर्म हो जाती है। हालांकि बैटरी पैक थर्मल मैनेजमेंट सिस्टम के साथ आते हैं। फिर भी वाहन चलाने या सवारी करने के तुरंत बाद इसे चार्ज करने से बचना बेहतर होता है। ऐसा करने से ईवी के थर्मल मैनेजमेंट सिस्टम को ज्यादा कुशलता से काम करने में मदद मिलती है। और बैटरी की खराबी कम से कम होती है। ईवी की बैटरी को लगभग 30 मिनट के लिए थोड़ा ठंडा होने दें और फिर उसे चार्ज करना शुरू करें।
बार-बार चार्ज न करें
यह एक आम गलती है जो हम लैपटॉप और अन्य स्मार्ट डिवाइस के साथ करते हैं। बार-बार चार्ज करना प्रैक्टिकल सॉल्यूशन (व्यावहारिक समाधान) से ज्यादा मनोवैज्ञानिक होता है। हमें अपने उपकरणों को हमेशा 100 प्रतिशत बैटरी चार्ज लेवल के साथ देखना अच्छा लगता है। हालांकि, बार-बार चार्ज करना किसी भी बैटरी के स्वास्थ्य के लिए अच्छा नहीं है। जिसमें इलेक्ट्रिक वाहन की बैटरी भी शामिल है। ऐसा करने से इलेक्ट्रिक वाहनों में बैटरी की लाइफ काफी कम हो जाती है। ठीक वैसे ही जैसे अन्य स्मार्ट डिवाइस में होता है।