Electric Bus Service in Jammu Smart City
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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को जम्मू स्मार्ट सिटी में ई-बस सेवा का वर्चुअली शुभारंभ किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जम्मू और कश्मीर सकारात्मक परिवर्तन देख रहा है क्योंकि आतंकवाद, बम विस्फोट, गोलीबारी, पथराव और हड़ताल जैसी पिछली चुनौतियों के विपरीत, राज्य अब इस क्षेत्र में स्कूलों, कॉलेजों और बुनियादी ढांचे के विकास पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।
शाह ने संयुक्त प्रतियोगी परीक्षाओं के जरिए चयनित 209 जम्मू और कश्मीर के उम्मीदवारों को नियुक्ति पत्र भी सौंपे और इस अवसर पर 885 अनुकंपा नियुक्ति पत्र जारी किए।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह कार्यक्रम कई मायनों में महत्वपूर्ण है क्योंकि जम्मू के लोगों को 100 पूरी तरह से वातानुकूलित ई-बसें समर्पित की गई हैं। उन्होंने कहा कि यह परियोजना 12 साल के लिए इन बसों के संचालन और रखरखाव के साथ 561 करोड़ रुपये की लागत से शुरू हुई है।
शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने पूरे विश्व में पर्यावरण जागरूकता फैलाई है और इस दिशा में महान प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने पूरे देश में ई-बसों के लिए योजनाएं लागू की हैं और जम्मू को इस पहल के तहत 100 ई-बसें मिल रही हैं।
शाह ने मोदी के पारदर्शी शासन को उजागर किया और कहा कि नए नियुक्तियों को नौकरी योग्यता के आधार पर मिली है।
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह
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शाह ने कहा, "प्रधानमंत्री मोदी के ईमानदार प्रयासों के कारण जम्मू-कश्मीर में शांति और सुरक्षा का एक नया युग आया है। अनुच्छेद 370 के हटने के बाद से राज्य में आतंकवाद से संबंधित घटनाओं में 70 प्रतिशत की गिरावट, नागरिकों की मौत में 81 प्रतिशथ की कमी और सुरक्षा बलों की मौत में 48 प्रतिशत की कमी आई है। ये आंकड़े दिखाते हैं कि जम्मू-कश्मीर में खुशियों और शांति का एक नया युग शुरू हुआ है।"
शाह ने आगे कहा कि 2010 में राज्य में संगठित पथराव की 2,654 घटनाएं दर्ज हुई थीं, जो 2023 में घटकर शून्य हो गईं। आंकड़ों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि 2010 में 132 संगठित हड़तालें हुईं लेकिन 2023 में ऐसी एक भी हड़ताल नहीं हुई। इसी तरह 2010 में पथराव में 112 नागरिकों की मौत हुई थी लेकिन 2023 में एक भी नागरिक की मौत नहीं हुई। जबकि 2010 में पथराव में घायल हुए नागरिकों की संख्या 6,235 थी, यह आंकड़ा आज शून्य हो गया है।
शाह ने कहा कि मोदी सरकार आतंकवादी फाइनेंसिंग पर सख्ती से नकेल कस रही है और आतंकवादियों की संपत्तियों को फ्रीज कर रही है और साथ ही इस खतरे से निपटने के लिए कई आतंकवादी संगठनों को गैरकानूनी घोषित किया है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के नेतृत्व में जम्मू-कश्मीर में शांति और सुरक्षा का एक नया युग शुरू हुआ है। उन्होंने आगे कहा कि 2019-20 में राज्य ने 297 करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित किया और 2022-23 में यह आंकड़ा बढ़कर 2,153 करोड़ रुपये हो गया। उन्होंने कहा, इसके अलावा 6,000 करोड़ रुपये का निवेश पाइपलाइन में है।
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने जम्मू-कश्मीर के समग्र विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के लिए शाह का आभार जताया। उन्होंने कहा कि जम्मू शहर और उसके आसपास के क्षेत्रों में स्मार्ट मोबिलिटी में क्रांति लाने के लिए डेडिकेटेड 100 ई-बसें जीवन की गुणवत्ता में सुधार करेंगी।