इस समय, वाहन मालिकों को ड्राइविंग लाइसेंस और पंजीकरण प्रमाणपत्र भौतिक कार्ड में जारी किए जाते हैं। मार्च 2021 में, दिल्ली ने डीलरों द्वारा वाहनों का सेल्फ-रजिस्ट्रेशन (स्व-पंजीकरण) शुरू किया। इस कदम से राष्ट्रीय राजधानी भर में 263 डीलरों को बिक्री के बिंदु पर सीधे वाहन पंजीकरण प्रमाणपत्र प्रिंट करने में सक्षम बनाया गया। पिछले तीन वर्षों में, दिल्ली भर में 15 लाख से ज्यादा वाहन पंजीकरण प्रमाणपत्र जारी किए गए हैं। इस वर्ष के पहले छह महीनों में 2.34 लाख से ज्यादा आरसी प्रिंट किए गए।
दिल्ली के परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने मंगलवार को फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (FADA) और सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM) के अधिकारियों के साथ बैठक की। जिसमें ड्राइविंग लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट जारी करने की प्रक्रिया को और अधिक सहज बनाने के तरीकों पर चर्चा की गई।
उन्होंने डीलरों द्वारा आरसी जारी करने में देरी पर चिंता जताई, जबकि उन्हें खुद इसे प्रिंट करने पर फायदा है। उन्होंने उन डीलरों को भी चेतावनी दी है जो समय सीमा का पालन करने में नाकाम रहते हैं। जिसमें ट्रेड सर्टिफिकेट रद्द करना भी शामिल है।
प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए, गहलोत ने डिजिटल डीएल और डिजिटल आरसी का विचार प्रस्तावित किया है, जिससे आखिरकार मुद्रण प्रक्रिया समाप्त हो जाएगी। गहलोत ने कहा, "हम पंजीकरण प्रक्रिया को अधिक सहज और सुलभ बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। भौतिक आरसी से डिजिटल वर्जन में शिफ्ट होने की संभावना प्रणाली को काफी हद तक सुव्यवस्थित कर सकती है, जिससे वाहन मालिकों को सुविधा मिलेगी और प्रशासनिक देरी कम होगी।"
डिजिटल डीएल और आरसी: यह कैसे काम करेगा
आधार कार्ड की तरह, इलेक्ट्रॉनिक डीएल और आरसी पीडीएफ फॉर्मेट में ऑनलाइन उपलब्ध होंगे। और वाहन मालिक अपने लिंक किए गए स्मार्टफोन के जरिए इसे डाउनलोड और प्रिंट कर सकते हैं। इसके अलावा, डीएल और आरसी को DigiLocker (डिजिलॉकर) या mParivahan (एमपरिवहन) जैसे एप पर अपलोड किया जा सकता है। और इसमें एक विशिष्ट आईडी और क्यूआर कोड होगा जो सत्यापन के दौरान दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की मदद करेगा। नई प्रक्रिया न सिर्फ कागजी कार्रवाई को कम करने का वादा करती है। बल्कि इसे हासिल करने की प्रक्रिया को तेज करने में भी मदद कर सकती है।