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Car Tips: एक ही कार के दो वैरिएंट की कीमत में होता है हजारों-लाखों रुपये का फर्क, जानें ऐसा क्यों होता है

Thu, 16 Feb 2023 04:23 PM IST
समीर गोयल ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

एक ही तरह दिखने वाली दो कारों के बीच कीमत में काफी ज्यादा फर्क होता है। इस कारण कई बार पसंदीदा कार आपके बजट से काफी बाहर हो जाती है। ऐसा क्यों होता है, आइए जानते हैं।

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Mahindra Scorpio SUV - फोटो : Twitter

जब भी आप नई कार को खरीदने जाते हैं तो पहले से एक बजट तय करते हैं। जिसके बाद आप कार फाइनल करते हैं और फिर शोरुम जाकर उसके अलग-अलग वैरिएंट में से किसी एक को चुनते हैं। जब आप शोरूम जाते हैं और कार की जानकारी लेते हैं तो आपको एक ही कार के कई वैरिएंट मिलते हैं।

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बेस और टॉप वैरिएंट में अंतर

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For Reference Only - फोटो : mahindra auto
किसी भी कार के कई वैरिएंट कंपनी की ओर से पेश किए जाते हैं। इन वैरिएंट्स की कीमत में भी कई बार दोगुना फर्क आ जाता है। उदाहरण के तौर पर अगर कोई कार 12 लाख रुपये की कीमत पर खरीदी जा सकती है, तो उसी कार का टॉप वैरिएंट 20 से 22 लाख रुपये की कीमत पर मिलता है। इसका मुख्य कारण दोनों वैरिएंट में मिलने वाले फीचर्स के फर्क का होता है।

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फीचर्स में फर्क

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Toyota Urban Cruiser Hyryder 2022 - फोटो : Toyota
किसी कार के बेस वैरिएंट को खरीदा जाता है तो उसमें म्यूजिक सिस्टम, पावर विंडो, रियर डिफॉगर, ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन, क्रूज कंट्रोल, ज्यादा एयरबैग्स, एलईडी लाइट्स, अलॉय व्हील्स बॉडी कलर्ड बंपर, रेन सेंसिंग वाइपर, ADAS जैसे कई फीचर्स नहीं मिलेंगे। वहीं दूसरी ओर कार के टॉप वैरिएंट में कंपनी की ओर से कई तरह के फीचर्स को ऑफर किया जाता है।

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टॉप वैरिएंट में होते हैं ये फीचर्स

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मारुति ग्रैंड विटारा - फोटो : nexa experience
किसी भी कार के टॉप वैरिएंट को कंपनी की ओर से खास ट्रीटमेंट दी जाती है। आमतौर पर टॉप वैरिएंट के ही लिमिटेड एडिशन भी पेश किए जाते हैं। वहीं इनमें अन्य वैरिएंट के मुकाबले ज्यादा लग्जरी और फीचर्स को जोड़ा जाता है। उदाहरण के तौर पर इनमें कूल्ड ग्लोव बॉक्स, ज्यादा बड़ा और बेहतर इंफोटेनमेंट सिस्टम, ज्यादा सेफ्टी फीचर्स, लैदरेट सीट्स, वेंटिलेटिड सीट्स, कंपनी फिटेड अलॉय व्हील्स, एलईडी प्रोजेक्टर हेडलाइट्स, एलईडी डीआरएल, रियर डिफॉगर, पैनोरमिक सनरूफ, क्रूज कंट्रोल, वायरलेस चार्जिंग, टर्बो इंजन जैसे कई फीचर्स को कंपनी की ओर से टॉप वैरिएंट में दिया जाता है।

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टॉप वैरिएंट को मिलती है प्राथमिकता

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For Reference Only - फोटो : tata motors
कंपनी की ओर से जब किसी कार के कई वैरिएंट ऑफर किए जाते हैं और बाजार में किसी एक खास वैरिएंट की डिमांड काफी ज्यादा हो जाती है। ऐसे में कार की वेटिंग बढ़ जाती है। तब कई कंपनियां अपने प्रीमियम प्रोडक्ट यानि कि टॉप वैरिएंट की डिलीवरी को पहले देना पसंद करती हैं। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि कार के सभी वैरिएंट के लिए चेसिस और अन्य बुनियादी ढांचा तो एक जैसा ही होता है लेकिन फीचर्स कम ज्यादा होने के कारण टॉप वैरिएंट कंपनियों के लिए मुनाफे का सौदा बन जाता है।

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