सिंगल स्ट्रोक इंजन बाइक में पिस्टन ऊपर-नीचे होने में एक चक्कर पूरा करता है। साथ ही इसी चक्कर में फ्यूल का मिश्रण किया जाता है। इस क्रम में फ्यूल दबता है और जलता है। सिंगल स्ट्रोक बाइक डबल स्ट्रोक बाइक की तुलना में आसान होती है, क्योंकि इसमें पार्ट्स कम होती है। सिंगल स्ट्रोक वाली बाइक में कम माइलेज मिलता है, क्योंकि इसमें फ्यूल एफिशियंसी कम होती है। इसके अलावा इसकी क्षमता भी कम होती है और यह पर्यावरण को ज्यादा नुकसान पहुंचाते हैं। सिंगल स्ट्रोक बाइक अधिक प्रदूषण करती है।
डबल स्ट्रोक इंजन बाइक में पिस्टन ऊपर-नीचे होने में एक की बजाय दो चक्कर पूरा होते हैं। डबल स्ट्रोक में पहले फ्यूल का मिश्रण होता है। इसके बाद फ्यूल जलता है और फिर फ्यूल की सप्लाई होती है। सिंगल स्ट्रोक इंजन के मुकाबले डबल स्ट्रोक इंजन ज्यादा बेहतर होता है। डबल स्ट्रोक इंजन ज्यादा माइलेज देता है और यह ज्यादा ताकतवर होता है। इसके साथ ही डबल स्ट्रोक इंजन पर्यावरण को कम नुकसान पहुंचाता है। डबल स्ट्रोक इंजन से कम प्रदूषण होता है। इसकी फ्यूल एफिशियंसी सिंगल स्ट्रोक इंजन के मुकाबले काफी अच्छी होती है।
सिंगल स्ट्रोक इंजन और डबल स्ट्रोक इंजन दोनों की अपनी-अपनी खूबियां और काम हैं। मगर इन दोनों में किसका चुनाव करना बेहतर रहेगा तो इसका सीधा सा जवाब है कि यह पूरी तरह से लोगों की जरूरत पर निर्भर करता है। अगर आप सस्ता और आसान विकल्प देखेंगे तो सिंगल स्ट्रोक बेहतर विकल्प है। वहीं, डबल स्ट्रोक इंजन में बेहतर माइलेज के साथ ताकत भी ज्यादा मिलती है।