दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) अपनी इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर की फ्लीट में 1100 से ज्यादा ई-ऑटो जोड़ने जा रही है। ताकि दिल्ली में आखिरी मील की कनेक्टिविटी को बढ़ावा मिल सके। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक एक अधिकारी ने यह जानकारी दी है।
परिवहन विभाग द्वारा DMRC (डीएमआरसी) को आवंटित 2299 ई-ऑटो परमिट में से 1183 ई-ऑटो का पंजीकरण हो चुका है।
लगभग 40 डीएमआरसी स्टेशनों पर ये ई-ऑटो संचालित हो रहे हैं। इन ई-ऑटो के लिए चार्जिंग पॉइंट और निर्धारित पार्किंग की जगह भी उपलब्ध है।
डीएमआरसी के एक अधिकारी ने बताया कि अगस्त के आखिर तक 1116 और ई-ऑटो (779 सामान्य और 337 महिला) के पंजीकरण होने की उम्मीद है। डीएमआरसी ने छतरपुर, द्वारका, रोहिणी और उत्तर पश्चिम दिल्ली के मेट्रो स्टेशनों पर स्थित अधिकृत ऑपरेटरों को ये ई-ऑटो परमिट बांटे हैं।
डीएमआरसी के प्रबंध निदेशक विकास कुमार ने इस बात पर जोर दिया कि यात्रियों के लिए आखिरी मील की कनेक्टिविटी सुनिश्चित करना दिल्ली मेट्रो की प्राथमिकता है।
कुमार ने दिल्ली सरकार द्वारा शुरू की गई बस सेवा का भी स्वागत किया। जिसका मकसद आखिरी मील की कनेक्टिविटी को बढ़ाना है।
ई-ऑटो सेवा के बारे में बात करते हुए कुमार ने कहा कि बसों के आकार को देखते हुए वे सभी मेट्रो स्टेशनों के लिए उपयुक्त नहीं हो सकते हैं। वहीं, ई-ऑटो को आसानी से चलाया जा सकता है।
उन्होंने आगे कहा, "हम उन कंपनियों के साथ साझेदारी कर रहे हैं जो ई-ऑटो उपलब्ध कराएंगी। और उन्हें हमारी जरूरत के हिसाब से चलाएंगी। ये हमारी सर्किट पर चलेंगे ताकि आखिरी मील की कनेक्टिविटी सुनिश्चित हो सके।"