फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ABS vs Combi Brakes: ABS ब्रेक क्या है और यह CBS से कैसे अलग है? आपकी बाइक के लिए क्या है सबसे सुरक्षित?

Tue, 26 Aug 2025 03:52 PM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

सही ब्रेकिंग टेक्नोलॉजी न सिर्फ हादसों से बचाती है बल्कि राइडर को पूरी तरह कंट्रोल में भी रखती है। आजकल दो तकनीकें सबसे ज्यादा चर्चा में रहती हैं - कॉम्बी ब्रेक्स (CBS) और एंटी-लॉक ब्रेकिंग सिस्टम (ABS)।
विज्ञापन
ब्रेक का सही इस्तेमाल - फोटो : HeroMotocorp
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

जब बात मोटरसाइकिल की सुरक्षा की आती है, तो ब्रेकिंग सिस्टम सबसे अहम भूमिका निभाता है। सही ब्रेकिंग टेक्नोलॉजी न सिर्फ हादसों से बचाती है बल्कि राइडर को पूरी तरह कंट्रोल में भी रखती है। आजकल दो तकनीकें सबसे ज्यादा चर्चा में रहती हैं - कॉम्बी ब्रेक्स (CBS) और एंटी-लॉक ब्रेकिंग सिस्टम (ABS)। लेकिन सवाल यह है कि इनमें से कौन-सा सिस्टम आपके लिए बढ़िया साबित होगा? यहां हम आपको ये डिटेल्स आसान भाषा में समझा रहे हैं।
विज्ञापन


यह भी पढ़ें - Bike Taxi: कर्नाटक में फिर से बंद हुई बाइक टैक्सी, रैपिडो ने शुरी की 'बाइक डायरेक्ट', जानें डिटेल्स 

कॉम्बी ब्रेक्स: सस्ते और आसान
कॉम्बाइंड ब्रेकिंग सिस्टम (CBS), जिसे लिंक्ड ब्रेक्स भी कहा जाता है, में जब आप आगे या पीछे किसी भी ब्रेक को दबाते हैं तो यह अपने आप ब्रेकिंग फोर्स दोनों पहियों में बांट देता है। यह सिस्टम ज्यादातर एंट्री-लेवल बाइक्स और स्कूटरों में मिलता है।

यह भी पढ़ें - Electric Vehicles: 'दिल्ली बनेगी देश की ईवी कैपिटल, 2026 तक राजधानी में दौड़ेंगी 8,000 इलेक्ट्रिक बसें'

कॉम्बी ब्रेक्स: फायदे
  • जेब पर भार नहीं डालता है, यानी बाइक की कीमत कम रहती है।
  • नए राइडर्स के लिए आसान, क्योंकि दोनों पहियों पर बराबर ब्रेक लग जाते हैं।
  • स्थिरता बढ़ती है और स्किडिंग (फिसलने) का खतरा कम होता है।

कॉम्बी ब्रेक्स: कमियां
  • गीली या फिसलन वाली सड़कों पर कंट्रोल सीमित रहता है।
  • हाई स्पीड या अचानक ब्रेकिंग में ABS जितना असरदार नहीं होता।

यह भी पढ़ें - Suzuki: तोशिहिरो सुजुकी का बड़ा एलान- सुजुकी भारत में करेगी 70 हजार करोड़ रुपये का निवेश

ABS: एडवांस सेफ्टी फीचर
एंटी-लॉक ब्रेकिंग सिस्टम (ABS) इस तरह डिजाइन किया गया है कि अचानक ब्रेक लगाने पर पहिए लॉक न हों। इससे बाइक ट्रैक्शन बनाए रखती है और राइडर ब्रेक लगाते हुए भी आसानी से मोड़ सकता है। ABS को दुनियाभर में 125cc से ऊपर की बाइक्स पर जरूरी कर दिया गया है। भारत में भी सड़क परिवहन मंत्रालय (MoRTH) ने हाल ही में घोषणा की है कि 1 जनवरी 2026 से भारत में बिकने वाली हर नई बाइक में ABS जरूरी होगा, चाहे इंजन क्षमता कितनी भी हो।

यह भी पढ़ें - Nitin Gadkari: गडकरी ने कहा- डीपीआर कंसल्टेंट्स पर बनाएं जाए रेटिंग सिस्टम, गुणवत्ता न होने पर देंगे जुर्माना

ABS: फायदे 
  • आपात स्थिति में भी बाइक स्किड नहीं करती और कंट्रोल बना रहता है।
  • हाई-स्पीड और स्पोर्ट्स राइडिंग के लिए सबसे बेहतर।
  • हर तरह की सड़क पर असरदार- चाहे बारिश हो, कच्ची सड़क हो या बजरी।

ABS: कमियां
  • ABS वाली बाइक्स महंगी पड़ती हैं।
  • मेंटेनेंस और रिपेयर खर्च भी ज्यादा हो सकता है।

यह भी पढ़ें - GST on Vehicles: जीएसटी में देरी हुई तो फीकी पड़ सकती है ऑटो सेक्टर की त्योहारों की बिक्री, डीलर्स की चेतावनी 

यह भी पढ़ें - E20: नितिन गडकरी ने कहा- हमने पुरानी कारों पर परीक्षण किया, ई20 ईंधन की 'गलत सूचना' पर 'पेट्रोलियम लॉबी' को फिर घेरा
विज्ञापन

कौन-सा ब्रेकिंग सिस्टम चुनें
अगर आप शहर में छोटी दूरी की राइड करते हैं या नए राइडर हैं, तो CBS आपके लिए किफायती और सुरक्षित विकल्प है। लेकिन अगर आप हाई-स्पीड पर चलते हैं, लंबी यात्राएं करते हैं या हर हाल में कंट्रोल और सुरक्षा चाहते हैं, तो ABS से बेहतर कुछ नहीं।

आने वाले समय में ABS हर बाइक में जरूरी हो जाएगा। लेकिन तब तक चुनाव आपकी जरूरत और बजट पर निर्भर करेगा। चाहे आप ट्रैफिक में फंसे हों या पहाड़ी रास्तों पर बाइक चला रहे हों, सही ब्रेकिंग सिस्टम आपकी सुरक्षा और राइडिंग अनुभव दोनों को बदल सकता है।

यह भी पढ़ें - E20 Petrol: ई20 पेट्रोल से माइलेज 2-5 प्रतिशत तक हो सकता है कम! क्या है विशेषज्ञों की राय 

यह भी पढ़ें - Ethanol: केंद्र की 20 प्रतिशत इथेनॉल-मिश्रित पेट्रोल नीति को चुनौती, सुप्रीम कोर्ट में दायर हुई जनहित याचिका 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें