चीनी ईवी निर्माता, BYD को वैश्विक इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग में दबदबा बनाने के लिए देश के प्रयास के तहत सीधे सरकारी सब्सिडी में 3.4 अरब यूरो से ज्यादा हासिल हुए हैं। जर्मनी के कील इंस्टीट्यूट ऑफ वर्ल्ड इकोनॉमी के एक नए अध्ययन में यह दावा किया गया है।
रिपोर्ट के मुताबिक, चीन की सबसे बड़ी ईवी निर्माता कंपनी BYD को 2020 में 220 मिलियन यूरो मिले थे, जो 2022 तक बढ़कर 2.1 अरब यूरो हो गया। रिपोर्टों के अनुसार, ईवी निर्माता को स्थानीय बैटरी निर्माताओं का समर्थन करने से भी लाभ हो रहा है। कील इंस्टीट्यूट ऑफ वर्ल्ड इकोनॉमी ने कहा कि BYD को दी गई इन सब्सिडी ने "चीनी फर्मों को तेजी से विस्तार करने, चीनी बाजार में दबदबा बनाने और यूरोपीय संघ के बाजारों में तेजी से विस्तार करने की सुविधा प्रदान की है।"
कील इंस्टीट्यूट ने यह भी बताया कि चीन की लगभग सभी सूचीबद्ध कंपनियों को सीधे तौर पर सब्सिडी मिली है। जो "किसी भी बड़े यूरोपीय संघ देश की तुलना में कम से कम तीन से चार गुना ज्यादा" है।
हालांकि, चीनी अधिकारियों ने यह कहते हुए जवाब दिया है कि उनकी कार कंपनियां "निरंतर तकनीकी इनोवेशन" पर भरोसा करते हुए बेहतर उत्पादों के कारण ईवी दौड़ में जीत रही हैं।
BYD ने एक बैटरी निर्माता के रूप में शुरुआत की और अब दुनिया का सबसे बड़ा ईवी ब्रांड बन गया है, जो टेस्ला जैसी कंपनियों को टक्कर दे रहा है। 2023 के आखिर में, BYD की शुद्ध आय लगभग 4.2 अरब डॉलर बताई गई थी। जो ईवी और पीएचईवी की एक रेंज बेचने के कारण संभव हुई।