चीन ने मंगलवार को कहा कि उसने विश्व व्यापार संगठन (WTO) में अमेरिका की इलेक्ट्रिक गाड़ियों के लिए दी जाने वाली सब्सिडी के भेदभावपूर्ण नियमों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। इस साल से शुरू होकर, अमेरिकी कार खरीदार 3,750 डॉलर से 7,500 डॉलर तक के टैक्स क्रेडिट के पात्र नहीं हैं, अगर महत्वपूर्ण खनिज या बैटरी के अन्य कंपोनेंट चीनी, रूसी, उत्तर कोरियाई या ईरानी कंपनियों द्वारा बनाए गए हों। ये क्रेडिट अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के जलवायु परिवर्तन से निपटने के प्रमुख कानून "2022 इन्फ्लेशन रिडक्शन एक्ट" का हिस्सा हैं।
चीन के वाणिज्य मंत्रालय ने ऑनलाइन पोस्ट किए गए एक बयान में कहा कि अमेरिका ने जलवायु परिवर्तन से निपटने के नाम पर नई ऊर्जा वाहनों के लिए भेदभावपूर्ण सब्सिडी नीतियां बनाई हैं।
बयान में कहा गया है कि अमेरिकी कदम से चीनी उत्पादों को बाहर रखा गया है, जिससे निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा बाधित हुई है और नई ऊर्जा वाहनों के लिए वैश्विक सप्लाई चेन बाधित हुई है।
गौरतलब है कि इलेक्ट्रिक गाड़ियों की बैटरी बनाने में चीन का वैश्विक स्तर पर दबदबा है।
1 जनवरी से लागू हुए नियमों के तहत, अमेरिका में बिकने वाली 50 से ज्यादा इलेक्ट्रिक गाड़ियों में से सिर्फ 13 ही इस टैक्स क्रेडिट के लिए पात्र हैं। जबकि 2023 में लगभग दो दर्जन मॉडल पात्र थे।