भारत में झुलसा देने वाली गर्मी के महीनों के दौरान, अगर आपका दिल में सनरूफ वाली कारों के लिए प्यार उमड़ता है, तो कभी-कभी इसकी कुछ खामियां हो सकती है। हालांकि सनरूफ का एक अपना आकर्षण होता है। उससे कार के अंदर खुली-हवा आती है। लेकिन यह कार के अंदर गर्मी बढ़ाने में योगदान कर सकती है। जिससे कुछ नुकसान हो सकते हैं।
कार के अंदर गर्मी बढ़ना
गर्मियों के दौरान सनरूफ होने का एक महत्वपूर्ण नुकसान वाहन के अंदर गर्मी का बढ़ना है। आम तौर पर, कार की छत धातु से बनी होती है और पूरी तरह से ढकी होती है। यह एक विशेष परत से लैस होती है, जो अत्यधिक गर्मी के सोखने को रोकने के लिए होती है। हालांकि, सनरूफ वाली कारों में छत का एक बड़ा हिस्सा कांच का बना होता है। कांच का यह हिस्सा सूरज की किरणों को एब्जॉर्ब कर लेता है। जिससे कार का इंटीरियर सामान्य छत वाली कारों की तुलना में ज्यादा गर्म हो जाता है।
Sunroof Car
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एयर कंडीशनिंग पर दबाव
सनरूफ वाली कार के अंदर बढ़ी हुई गर्मी एयर कंडीशनिंग (एसी) सिस्टम पर भी अतिरिक्त दबाव डालती है। चूंकि सूरज की किरणों के कारण कार का इंटीरियर बहुत ज्यादा गर्म हो जाता है। इसलिए एसी को आरामदायक तापमान बनाए रखने के लिए बहुत ज्यादा काम करना पड़ता है। यह बढ़ा हुआ कार्यभार एसी को उसकी सामान्य क्षमता से ज्यादा काम करने के लिए प्रेरित कर सकता है। जिससे उसकी एफिशिएंसी और परफॉर्मेंस प्रभावित होता है।
माइलेज में कमी
इसके अलावा, गर्मियों के दौरान सनरूफ से लैस कारों में एसी को ज्यादा स्पीड से चलाने की जरूरत, आपके कार के माइलेज पर नकारात्मक असर डाल सकती है। एसी केबिन को ठंडा करने के लिए ज्यादा एनर्जी की खपत करता है। जिसकी वजह से ईंधन की खपत ज्यादा होती है। और आखिरकार वाहन के औसत माइलेज को प्रभावित करती है।
हालांकि सनरूफ एक अनोखा ड्राइविंग एक्सपीरियंस देते हैं। अक्सर सनरूफ खोलकर उसमें खड़े होकर तस्वीरें खिंचवाने का चलन भी बढ़ा है। ऐसे में खासकर सुहावने मौसम की स्थिति के दौरान, कई ग्राहक सनरूफ वालीं कारों को पसंद करते हैं। लेकिन इन कमियों पर गौर करना जरूरी है, खासकर भारत जैसे देश में जहां मौसम गर्म रहता है।