कर्नाटक सरकार ने राज्य के उप मुख्यमंत्री डी के शिवकुमार द्वारा केंद्र सरकार को बंगलूरू शहर में ट्रैफिक जाम की समसया को कम करने के लिए मेट्रो लाइनों के साथ फ्लाइओवर बनाने का प्रस्ताव भेजा है।
रिपोर्ट के अनुसार, ज्ञानभारती में जन शिकायत निवारण 'सरकार आपके द्वार' पर बोलते हुए शिवकुमार ने उल्लेख किया कि राज्य सरकार बंगलूरू मेट्रो लाइनों के कुछ हिस्सों के साथ फ्लाइओवर बनाने पर विचार कर रही है। एएनआई ने शिवकुमार के हवाले से कहा, "यातायात को कम करने के लिए मेट्रो लाइनों के कुछ हिस्सों पर फ्लाइओवर बनाने का फैसला किया गया है। इस संबंध में केंद्र को एक प्रस्ताव भेजा गया है।"
पिछले कुछ वर्षों में, बंगलूरू को कई सर्वेक्षणों और रैंकिंग में दुनिया के सबसे ज्यादा ट्रैफिक-भीड़भाड़ वाले शहरों में रखा गया है।
डच के एक प्रौद्योगिकी विशेषज्ञ टॉमटॉम द्वारा हाल ही में जारी ट्रैफिक इंडेक्स के मुताबिक, बंगलूरू 2023 में भारत का सबसे अधिक भीड़भाड़ वाला शहर बना हुआ है। रिपोर्ट में, कर्नाटक की राजधानी पिछले साल सबसे अधिक भीड़भाड़ वाले शहरों की वैश्विक रैंकिंग में छठे स्थान पर रही थी। पिछली बार, इसे रैंकिंग में दूसरे स्थान पर रखा गया था।
Bengaluru Traffic Jam
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रविवार को एक कार्यक्रम में बोलते हुए शिवकुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने बंगलूरू शहर के विकास के लिए राज्य बजट में कई परियोजनाओं की घोषणा की है।
शिवकुमार ने कहा, "बीबीएमपी बजट जल्द ही पेश किया जाएगा और यह राज्य बजट में घोषित परियोजनाओं का पूरक होगा। हम यशवंतपुरा, सुमनहल्ली, गोरगुंटेपल्या आदि के पास सुरंग सड़कों के लिए एक व्यवहार्यता रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं।"
उन्होंने कहा, "हम अब तक बंगलूरू शहर के 12 विधानसभा क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर शिकायत निवारण कार्यक्रम पूरा कर चुके हैं और लगभग 20,000 याचिकाएं हासिल कर चुके हैं। मुख्यमंत्री ने भी दो बार जनस्पंदन का आयोजन किया था। मिली हुई याचिकाओं पर गौर करने के लिए एक अलग टीम का गठन किया गया है। शिकायतों को चरणबद्ध तरीके से लिया जाएगा।"
उन्होंने कहा, 'नम्मा स्वत्तु' योजना के हिस्से के रूप में, कर्नाटक सरकार ने बंगलूरू में सभी संपत्तियों का सर्वेक्षण करने और सभी संपत्ति दस्तावेजों को लोगों के दरवाजे तक पहुंचाने का काम किया है।