बंगलूरू की पहली ड्राइवरलेस मेट्रो का जल्द ही सिग्नलिंग सिस्टम के इंटीग्रेशन (एकीकरण) के लिए परीक्षण किया जाएगा। इसे येलो लाइन पर चलाने की योजना है। अधिकारियों के अनुसार, सिग्नलिंग परीक्षण ड्राइवरलेस मेट्रो के मेनलाइन परीक्षण का एक हिस्सा है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, "एक नए रोलिंग स्टॉक होने के कारण, कई परीक्षण करने की जरूरत है। इस समय, डिब्बों का स्थिर और इलेक्ट्रिक सर्किट परीक्षण चल रहा है। जल्द ही, उन्हें मेनलाइन परीक्षण में ले जाया जाएगा, जो सिग्नलिंग प्रणाली का एकीकरण है।" बंगलूरू मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीएमआरसीएल) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया।
बंगलूरू की ड्राइवरलेस मेट्रो ट्रेनों में सिग्नलिंग सिस्टम के साथ एडवांस्ड इंटीग्रेशन होगा। जिससे उन्हें संचार करने और टक्कर को रोकने में मदद मिलेगी।
इससे पहले फरवरी में, बंगलूरू मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीएमआरसीएल) को चीन से छह डिब्बों का पहला बैच हासिल हुआ था। और वर्तमान में हेब्बागोडी मेट्रो डिपो में उनका परीक्षण किया जा रहा है।
ड्राइवरलेस ट्रेन का 37 परीक्षण हो चुका है। आगामी परीक्षण सिग्नलिंग, दूरसंचार और बिजली आपूर्ति के साथ सिस्टम एकीकरण पर केंद्रित होंगे। अनुसंधान अभिकल्प और मानक संगठन (आरडीएसओ) द्वारा ऑसिलेशन ट्रायल (दोलन परीक्षणों) सहित अनिवार्य सेफ्टी टेस्ट (सुरक्षा परीक्षण) और मेट्रो रेल सुरक्षा आयुक्त (सीएमआरएस) द्वारा निरीक्षण निर्धारित हैं।
अधिकारियों के अनुसार, आरडीएसओ और सीएमआरएस से सिफारिशें मिलने के बाद, रेलवे बोर्ड की इजाजत जरूरी है। इससे पहले कि ट्रेन अपनी रेवेन्यू सर्विस शुरू कर सके।
मेट्रो मानचित्र की बात करें तो, 18.82 किमी में फैली येलो लाइन आरवी रोड को बोम्मसांद्र से जोड़ती है। जो जयदेवा अस्पताल, सिल्क बोर्ड जंक्शन और इलेक्ट्रॉनिक्स सिटी जैसे प्रमुख स्थानों से होकर गुजरती है।
इसमें 16 स्टेशन शामिल हैं और आरवी रोड स्टेशन पर ग्रीन लाइन मेट्रो और जयदेव अस्पताल स्टेशन पर पिंक लाइन से जुड़ाव है।
साथ ही, लाइन में रागी गुडा से सेंट्रल सिल्क बोर्ड तक 3.13 किमी का मेट्रो सह-रोड फ्लावर है। जिसे सेंट्रल सिल्क बोर्ड जंक्शन पर ट्रैफिक कम करने के लिए डिजाइन किया गया है। इसमें पांच लूप और रैंप शामिल हैं और यह केआर पुरम और होसूर रोड की ओर डबल डेकर फ्लावर का विस्तार है। दोनों निर्माण के अग्रिम चरणों में हैं।
येलो लाइन का लक्ष्य उन क्षेत्रों से जुड़ाव को बढ़ाना है जहां प्रमुख आईटी कंपनियां जैसे इंफोसिस और बायोकॉन स्थित हैं। और साथ ही दक्षिण बंगलूरू को भी जोड़ना है।
शुरुआत में, बीएमआरसीएल हर 20 मिनट में एक ट्रिप चलाने की योजना बना रहा है। कुल मिलाकर 57 फॉरवर्ड और रिटर्न ट्रिप प्रतिदिन होंगी।
ड्राइवरलेस मेट्रो को शुरू में 2021 में चालू होने की उम्मीद थी। लेकिन बाद में इसकी समय सीमा को दिसंबर 2024 तक बढ़ा दिया गया।