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Automatic Car: अगर आप ऑटोमैटिक कार खरीदने जा रहे हैं, तो पहले जान लीजिए इसके फायदे और नुकसान

Thu, 23 Oct 2025 07:54 PM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

अगर आप शहर के ट्रैफिक में रोज गाड़ी चलाते हैं, तो ऑटोमैटिक कार चलाना वाकई मजेदार होता है। लेकिन जितनी आसान ये ड्राइविंग लगती है, उतने ही इसके कुछ नुकसान भी हैं।
 
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Automatic Gearbox - फोटो : Maruti Suzuki
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विस्तार
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अगर आप शहर के ट्रैफिक में रोज गाड़ी चलाते हैं, तो ऑटोमैटिक कार चलाना वाकई मजेदार होता है। इसमें न बार-बार गियर बदलने की झंझट, न क्लच दबाने की थकान। लेकिन, जितनी आसान ये ड्राइविंग लगती है, उतने ही इसके कुछ नुकसान भी हैं। आइए जानते हैं ऑटोमैटिक कार के फायदे और नुकसान।
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भारत में बढ़ रही है ऑटोमैटिक कारों की मांग
पिछले कुछ वर्षों में भारत में ऑटोमैटिक गियरबॉक्स वाली कारों की मांग तेजी से बढ़ी है। खासतौर पर AMT (ऑटो मैनुअल ट्रांसमिशन) को लोगों ने काफी पसंद किया है। इसकी सबसे बड़ी खासियत ये है कि ये मैन्युअल गियरबॉक्स की तुलना में ज्यादा माइलेज देती हैं और इनकी कीमत भी बहुत ज्यादा नहीं होती।

अब लोग मैन्युअल कारों की जगह ऑटोमैटिक कारों को ज्यादा तरजीह देने लगे हैं, क्योंकि ट्रैफिक में या लंबी हाईवे ड्राइव पर ये कारें ड्राइविंग को आसान और मजेदार बना देती हैं। हालांकि इनके कुछ कमजोर पहलू भी हैं, जिन्हें जानना जरूरी है।

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ऑटोमैटिक कार के फायदे
ऑटोमैटिक कार का सबसे बड़ा फायदा है कि आपको बार-बार गियर बदलने की जरूरत नहीं पड़ती। गाड़ी खुद आपकी स्पीड के हिसाब से गियर बदलती रहती है। इससे ड्राइवर को न तो थकान होती है और न ही अतिरिक्त ध्यान देना पड़ता है।

हाईवे पर ऐसी कार चलाना वाकई मजेदार होता है। वहीं, संकरी या खराब सड़कों पर भी ऑटोमैटिक कार को संभालना आसान होता है, क्योंकि आपको क्लच और गियर के झंझट से मुक्ति मिलती है। अगर आप पहली बार कार चला रहे हैं, तो ऑटोमैटिक कार आपके लिए बेहतर ऑप्शन है, क्योंकि इसमें सिर्फ एक्सीलरेटर और ब्रेक का ध्यान रखना होता है।

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ऑटोमैटिक कार के नुकसान
जहां ऑटोमैटिक कार चलाने में मजा आता है, वहीं इसके कुछ कमियां भी हैं। सबसे पहले, इनका गियर शिफ्ट थोड़ा स्लो होता है। यानी मैन्युअल या AMT की तुलना में गियर बदलने में कुछ सेकंड ज्यादा लगते हैं, और ये बदलाव कभी-कभी साफ महसूस होता है। 

दूसरा, ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन की मेंटेनेंस कॉस्ट ज्यादा होती है। सर्विस के दौरान खर्च भी मैन्युअल कारों की तुलना में अधिक आता है।

तीसरा, ऑटोमैटिक कारें ट्रैफिक में ज्यादा ईंधन खाती हैं। इसका कारण है कि गियर इंजन की स्पीड के अनुसार अपने आप बदलता है। ट्रैफिक में जब कार बार-बार रुकती है, तो इंजन को ज्यादा स्पीड नहीं मिलती और गियर ऊपर नहीं जा पाता। इस वजह से गाड़ी लो गियर पर ज्यादा समय रहती है, और ऐसे में ईंधन की खपत बढ़ जाती है।

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तो कैसे लें फैसला
अगर आप आरामदायक और तनावमुक्त ड्राइविंग चाहते हैं, तो ऑटोमैटिक कार आपके लिए बेस्ट है। लेकिन अगर आप माइलेज और कम मेंटेनेंस खर्च को प्राथमिकता देते हैं, तो मैन्युअल कार बेहतर साबित होगी। 

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