दरअसल देश के कई राज्यों में अगर हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (एचएसआरपी) टूट जाता है या चोरी हो जाता है, तो वाहन मालिक को इसकी रिपोर्ट पुलिस थाने पर करनी होगी। रिपोर्ट की कॉपी देने पर ही वाहन पर नई नंबर प्लेट लगाई जाएगी। इसके अलावा एचएसआरपी केवल परिवहन विभाग की तरफ से अधिकृत कंपनी या वाहन के डीलर्स ही लगा सकेंगे। वहीं, इस पूरी प्रक्रिया का रिकॉर्ड भी रखा जाएगा।
अगर दो पहिया वाहन की एक नंबर प्लेट टूट जाती है, तो अधिकृत कंपनी या वाहन डीलर को ही उसे बदलने का अधिकार है। इसके अलावा केवल टूटी हुई प्लेट को बदलने का वाहन मालिकों से शुल्क लिया जाएगा।
वाहन के दोनों नंबर प्लेट टूटने पर प्लेट के साथ स्टीकर प्लेट भी बदले जाएंगे। इसके लिए वाहन मालिकों को तीनों प्लेट्स का शुल्क देना होगा।
अगर केवल स्टीकर प्लेट ही खराब होती है, तो सिर्फ उसे ही बदला जाएगा। इसके लिए वाहन मालिकों से केवल स्टीकर प्लेट का ही शुल्क लिया जाएगा।
अलग-अलग वाहनों के लिए एचएसआरपी की कीमतें अलग-अलग हैं। जैसे कार के लिए इसकी कीमत 600 से 1000 रुपये के बीच है। वहीं, दो पहिया वाहनों के लिए इसकी कीमत 300 से 400 रुपये तक है।