बता दें कि करीब पांच दिन पहले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक और ट्विटर के वरिष्ठ अधिकारियों को डेटा संरक्षण और गोपनीयता के मुद्दों के बारे में संयुक्त संसदीय समिति के सामने पेश होने के लिए कहा गया था। कांग्रेस पार्टी की ओर से जताई गई चिंताओं के बाद सभी हितधारकों को बुलाया गया है।
लोकसभा सचिवालय से जारी नोटिस में फेसबुक के अधिकारियों को बीते शुक्रवार को विधेयक पर समिति के समक्ष एक प्रस्तुति देने के लिए कहा गया था। जबकि ट्विटर के अधिकारियों को 28 अक्तूबर को आने के लिए कहा गया था। बता दें कि बीते सप्ताह संसद भवन में समिति की एक बैठक भी हुई थी।
भाजपा सांसद मीनाक्षी लेखी इस समिति की अध्यक्ष हैं। बीते वर्ष संसद में विधेयक का मसौदा पेश करते हुए केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा था कि यह बिल सरकार को व्यक्तिगत डाटा से जुड़े मामलों में फेसबुक, गूगल और अन्य कंपनियों से सवाल पूछने का अधिकार देता है।
वहीं दूसरी ओर विपक्षी दल कांग्रेस ने इस विधेयक से जुड़े कुछ मामलों में डेटा के उपयोग को लेकर चिंता जताई थी, विशेष रूप से जहां राष्ट्रीय सुरक्षा शामिल है। इस मामले में मीनाक्षी लेखी पहले ही कह चुकी हैं कि किसी को भी, एक व्यक्ति या एक इकाई की आवश्यकता होती है, डेटा की सुरक्षा के मुद्दे पर पैनल के सामने बोलने को कहा जाएगा और इसकी गोपनीयता और उनके संबंधित सोशल मीडिया प्लेटफार्मों की पैनल द्वारा पूरी तरह से जांच की जाएगी। उन्होंने कहा कि समिति में सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि हैं और बिल पर विचार-विमर्श राष्ट्रीय हित के दृष्टिकोण से हो रहा है।