संशोधन के तहत क्रम संख्या 71 में बदलाव कर 17ए में लद्दाख के लिए LA को जोड़ा गया है। इसके बाद अब लद्दाख में LA नंबर प्लेट वाली गाड़ियां देखने को मिलेंगी। यह वैसे ही है जैसे अभी तक बिहार के लिए BR, मध्यप्रदेश के लिए MP, उत्तराखंड के लिए UK नंबर प्लेट का इस्तेमाल किया जाता है।
बता दें कि केंद्र सरकार ने साहस का परिचय देते हुए पांच अगस्त को अनुच्छेद-370 को समाप्त कर दिया था। इसके साथ ही सरकार ने जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को केंद्र शासित राज्य घोषित कर दिया। उस समय विपक्षी पार्टियों ने संसद में खूब हंगामा किया और सरकार के खिलाफ नारे भी लगाए। वहीं, जम्मू-कश्मीर के कुछ नेताओं को भी जेल में बंद कर दिया गया।
अगर आपकी भी कार या बाइक्स बिना हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट के दौड़ रही है, तो जल्द ही इसमें हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगवा लें। इसके लिए परिवहन विभाग ने 236 डीलरों को चिन्हित किया है, जो आपकी गाड़ी में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाएंगे।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद अभी तक राजधानी दिल्ली में 50 लाख स्कूटर-बाइक्स और 21 लाख कारों में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट नहीं लगाई जा सकी है। 2012 के बाद से आने वाली सभी गाड़ियों में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट पहले से ही लगी होती है, जबकि उससे पहले के गाड़ियों में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट मौजूद नहीं है। वहीं, दो अक्टूबर 2018 के बाद से मात्र 2.6 लाख गाड़ियों में ही हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाई जा सकी है।
दिल्ली परिवहन विभाग के स्पेशन कमिश्नर केके दहिया ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश जारी कर कलर-कोडेड और होलोग्राम बेस्ट फ्यूल स्टीकर लगाने का आदेश दिया था। यह आदेश इसलिए दिया गया ताकि गाड़ियों की पहचान आसानी से हो सके। उन्होंने कहा कि दिल्ली पहला राज्य है, जहां गाड़ियों पर ये स्टीकर लगाए गए हैं। वहीं, हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट पर दहिया ने कहा कि पुरानी गाड़ियों पर प्लेट लगाने के लिए दो बार टेंडर निकाला गया था, लेकिन इस पर डीलरों की तरफ से प्रतिक्रिया नहीं मिली। इसीलिए अब पुराने दोपहिया और कार पर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाने के लिए 236 वाहन डीलरों को चिन्हित किया गया है।