फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Electric Vehicles: सबसे ज्यादा इलेक्ट्रिक वाहन उत्तर प्रदेश में, सरकार बना रही एक्सप्रेस-वे पर चार्जिंग स्टेशन

सार

केंद्र सरकार के आंकड़ों के मुताबिक इस वक्त पूरे देश में इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या 1334385 है। उत्तर प्रदेश में 337180 इलेक्ट्रिक वाहन इस वक्त सड़कों पर दौड़ रहे हैं। दूसरे नंबर पर सबसे ज्यादा इलेक्ट्रिक वाहन दिल्ली की सड़कों पर दौड़ते हैं। दिल्ली में इस वक्त 156393 इलेक्ट्रिक वाहन हैं। देश में इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या के लिहाज से तीसरे नंबर पर कर्नाटक है। कर्नाटक में 120000 इलेक्ट्रिक वाहन हैं...
विज्ञापन
Electric Vehicle Charging Station - फोटो : Agency (File Photo)
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पूरे देश में इस वक्त सबसे ज्यादा इलेक्ट्रिक वाहन उत्तर प्रदेश में है। जबकि दूसरे स्थान पर इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या दिल्ली में है। और तीसरे स्थान पर कर्नाटक में सड़कों पर इलेक्ट्रिक वाहन दौड़ रहे हैं। केंद्र सरकार के आंकड़ों के मुताबिक इस वक्त पूरे देश में 13 लाख से ज्यादा इलेक्ट्रिक वाहन अलग-अलग राज्यों में सड़कों पर चल रहे हैं। इसमें तकरीबन एक चौथाई वाहन सिर्फ अकेले उत्तर प्रदेश की सड़कों पर चलते हैं। देश में बढ़ रहे इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या को देखते हुए केंद्र सरकार ने योजना बनाई है कि राजमार्गों और एक्सप्रेस-वे पर चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाएं, ताकि ये वाहन लंबी दूरी तय कर सकें। दिल्ली से लखनऊ तक साढ़े पांच सौ किलोमीटर लंबे यमुना और आगरा एक्सप्रेस-वे पर सबसे ज्यादा चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाने को मंजूरी मिल गई है।

13 लाख से ज्यादा हैं इलेक्ट्रिक वाहन

इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए केंद्र सरकार की ओर से दी जाने वाली रियायतों और दिए जाने वाले प्रोत्साहन के बाद देश में इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या लगातार बढ़ रही है। केंद्र सरकार के आंकड़ों के मुताबिक इस वक्त पूरे देश में इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या 1334385 है। केंद्र सरकार के दस्तावेज में दर्ज आंकड़ों के मुताबिक उत्तर प्रदेश में 337180 इलेक्ट्रिक वाहन इस वक्त सड़कों पर दौड़ रहे हैं। जबकि पूरे देश में दूसरे नंबर पर सबसे ज्यादा इलेक्ट्रिक वाहन दिल्ली की सड़कों पर दौड़ते हैं। दिल्ली में इस वक्त 156393 इलेक्ट्रिक वाहन हैं। देश में इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या के लिहाज से तीसरे नंबर पर कर्नाटक है। कर्नाटक में 120000 इलेक्ट्रिक वाहन हैं जबकि पूरे देश में चौथे नंबर पर महाराष्ट्र का नंबर आता है। महाराष्ट्र में इस वक्त 116645 इलेक्ट्रिक वाहन सड़कों पर चल रहे हैं। जबकि पांचवे नंबर पर बिहार में सबसे ज्यादा 83333 इलेक्ट्रिक वाहन सड़कों पर दौड़ रहे हैं।

विज्ञापन

 

भारी उद्योग मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी बताते हैं कि जिस तरीके से देश में इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या बढ़ रही है, उसी लिहाज से उनके चार्जिंग स्टेशंस की संख्या को बढ़ाए जाने की योजनाओं को भी मंजूरी दी जा रही है। इलेक्ट्रिक वाहन बनाने वाली एक कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि अभी तक ज्यादातर वाहन शहरों में चलने के लिए ही ज्यादा बिक रहे हैं। लेकिन जिस तरीके से केंद्र सरकार की योजनाएं हैं उससे एक बात बिल्कुल स्पष्ट हो चुकी है कि आने वाले कुछ दिनों में इलेक्ट्रिक वाहन पूरे देश में राजमार्गों और एक्सप्रेस-वे के रास्ते अलग-अलग स्थानों पर बगैर किसी रुकावट के लंबी दूरी तय कर सकेंगे। मंत्रालय के मुताबिक देश के अलग-अलग राज्यों और शहरों में 2877 इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन मंजूर किए जा चुके हैं। इसमें से एक जुलाई तक 50 नए इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन शुरू भी किए गए हैं। महाराष्ट्र में 317 इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन को मंजूरी मिली है, जबकि तमिलनाडु में या संख्या 281 है। गुजरात में 278, आंध्र प्रदेश में 266, उत्तर प्रदेश में 207, मध्यप्रदेश में 235, पश्चिम बंगाल में 141, केरल में 211 और कर्नाटक में 172 चर्जिंग स्टेशन की मंजूरी दी जा चुकी है। मंत्रालय के मुताबिक पूरे देश भर में इसी रफ्तार से इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन को खोला जाएगा।

पूरे देश में सबसे ज्यादा चार्जिंग स्टेशन दिल्ली-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर

इलेक्ट्रिक वाहनों को लेकर सबसे ज्यादा चिंता इनकी रेंज को लेकर होती है, जो लंबी दूसरी के लिए पर्याप्त नहीं है। केंद्र सरकार ने इस समस्या को भी दूर करने की बड़ी योजना बनाई है। योजना के मुताबिक देश के नौ एक्सप्रेस-वे पर डेढ़ सौ से ज्यादा इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन शुरू किए जा रहे हैं। इसमें सबसे ज्यादा इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन दिल्ली से लखनऊ के बीच स्थापित होंगे। योजना के मुताबिक दिल्ली से आगरा के बीच में यमुना एक्सप्रेस-वे पर 20 चार्जिंग स्टेशन बनाए जाएंगे, जबकि आगरा से लखनऊ के बीच में 40 चार्जिंग स्टेशन तैयार किए जा रहे हैं। इसके अलावा मुंबई-पुणे एक्सप्रेस-वे पर भी चार्जिंग स्टेशन लगाने की अनुमति मिली है। अहमदाबाद वडोदरा के बीच में 10, बेंगलुरु और मैसूर एक्सप्रेस वे पर 14, बेंगलुरु से चेन्नई के बीच 30, सूरत से मुंबई के बीच 30 और ईस्टर्न पैरिफेरल एक्सप्रेस-वे पर भी चार्जिंग स्टेशन शुरू किए जाएंगे।
 

केंद्र सरकार के मुताबिक फेम इंडिया स्कीम के पहले चरण के अंतर्गत भारी उद्योग मंत्रालय ने 520 इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशनों को स्वीकृति दे दी है। जिसमें आठ जुलाई तक 479 चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जा चुके हैं। इसमें दिल्ली में 94 चंडीगढ़ में 48 राजस्थान में 49 कर्नाटक में 65 चार्जिंग स्टेशन शामिल हैं। इसी तरह इस योजना के तहत दिल्ली-चंडीगढ़ राजमार्ग पर 24 चार्जिंग स्टेशन, मुंबई- पुणे पर 17, दिल्ली-जयपुर-आगरा हाईवे पर 71 और जयपुर-दिल्ली राजमार्ग पर 9 चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए गए हैं। योजना के मुताबिक भारी उद्योग मंत्रालय ने फेम इंडिया स्कीम-2 अंतर्गत अलग-अलग शहरों में भी चार्जिंग स्टेशन से स्थापित किए हैं। जबकि राष्ट्रीय राजमार्गों पर भी इस चरण के तहत 1576 चार्जिंग स्टेशनों को स्थापित किए जाने को मंजूरी दे दी गई है।

 

भारी उद्योग मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी बताते हैं कि केंद्र सरकार की मंशा के अनुरूप देश में इलेक्ट्रिक वाहन को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाने के लिहाज से यह सभी योजनाएं तैयार की जा रही हैं। उनका कहना है कि सबसे ज्यादा आवश्यकता इलेक्ट्रिक वाहनों के चार्जिंग स्टेशंनों की ही है। यही वजह है कि न केवल देश के हाईवे और एक्सप्रेस-वे पर बड़ी संख्या चार्जिंग स्टेशंस स्थापित किए जा रहे हैं, बल्कि शहरों में भी ऐसे स्टेशंस की संख्या बढ़ाई जा रही है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें