आनंद महिंद्रा ने एक वीडियो साझा किया और लिखा, 'भारत इस तरह के छोटे लेकिन उपयोगी उत्पादकता सुधारों का विस्फोट देख सकता है।'
DIY साइकिल का आविष्कार पंकज सोइन नाम के एक रेलवे सिविल इंजीनियर ने किया था। यह साइकिल रेलवे ट्रैकमैन को मरम्मत कार्य की निगरानी करने और भारी रेल गाड़ियों को खींचने में कम लोगों का इस्तेमाल करने में मदद करती है।
महिंद्रा ने कहा कि यह नई खोज 'सरल, मितव्ययी और अपनी सोच में बेहद स्पष्ट है।' उन्होंने ट्विटर पर लिखा, "देश में पैदा हुई नई खोज में वह सभी विशेषताएं हैं जो काम और जीवन को बहुत आसान और अधिक कुशल बना सकती हैं।"
पंकज सोइन ने इस हल्के साइकिल को रेलवे ट्रैक के रखरखाव में ट्रैकमेन के थकाऊ काम को कम करने के इरादे से बनाया था। केवल 20 किलोग्राम वजन वाले इस साइकिल को खुद से उठाकर पटरियों पर रखा जा सकता है ताकि इसे आसानी से चलाकर मरम्मत के स्थान तक पहुंचा जा सके।
सोइन ने साइकिल के साइड में इस्तेमाल किए गए सपोर्ट को बनाने के लिए लोहे के पाइपों और रेल गाड़ियों के पुराने पहियों का इस्तेमाल किया। फ्रंट व्हील एक्सटेंशन साइकिल को रेलवे पटरियों पर सीधी चलने में मदद करता है जबकि रियर व्हील इसका संतुलन बनाए रखने में मदद करता है।
यह साइकिल 15 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती है और इस पर दो लोग सवार हो सकते हैं। ऐसी एक साइकिल को बनाने में लगभग 5,000 रुपये का खर्च आएगा। इसमें पुरानी साइकिल की कीमत भी शामिल है जिस पर मॉडल तैयार किया गया है।