ऑटोमोबाइल कंपनी सुजुकी चीन से अपना बिजनेस समेटने की तैयारी कर रही है। चीन में सुजुकी की शुरुआत काफी अच्छी थी। लेकिन बीते कुछ साल से कंपनी की सेल्स लगातार गिरती जा रही है। ऐसे में अब जापान की यह कार कंपनी का फोकस भारत यानी मारुति पर पहले से ज्यादा बढ़ सकता है।
निक्कई बिजनेस की रिपोर्ट के मुताबिक, सुजुकी अपने चीन के पाटर्नर Chongqing Changan ऑटोमोबाइल कॉ. और Jiangxi Changhe ऑटोमोबाइल से अपना ज्वाइंट वेंचर खत्म कर रही है। Suzuki अपनी हिस्सेदारी लोकल मैन्युफैक्चरर को बेचकर चीन के मार्केट से बाहर निकलना चाहती है।
चीन में सुजुकी के दो ज्वाइंट वेंचर हैं। इसके बावजूद बीते कुछ साल से कंपनी की सेल में लगातार गिरावट आ रही है। बीते फाइनेंशियल ईयर में सुजुकी ने 86 हजार यूनिट्स को बेचा था। लेकिन 2016 फाइनेंशियल ईयर की तुलना में सेल्स 30 फीसदी घटी है। वहीं, यह अपने सबसे ज्यादा सेल (2010) आंकड़ों की तुलना में 70 फीसदी घट गई है।
चीन में सुजुकी ने Jiangxi Changhe ऑटोमोबाइल और Chongqing Changan ऑटोमोबाइल के साथ ज्वाइंट वेंचर किया है। सुजुकी ने Jiangxi Changhe ऑटोमोबाइल में अपनी 46 फीसदी हिस्सेदारी को बेचकर बाहर निकलने का ऐलान भी किया है।
रिपोर्ट के मुताबिक, पार्टनशिप खत्म करने का प्रोसेस चीन की अथॉरिटीज से अप्रूवल मिलने के साथ शुरू होगा और यह प्रोसेस साल के अंत तक पूरा हो सकता है। हालांकि, लाइसेंस के तहत Changan आगे भी सुजुकी ब्रांड व्हीकल्स को बनाती रहेगी।