फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

इस देश में एयरपोर्ट पर आने वाली गाड़ियों को पार्क करेगा Robot

Thu, 31 Jan 2019 01:15 PM IST
भावना चौधरी ऑटो डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
Robot valets may soon park cars at airport
विज्ञापन

एयरपोर्ट पर गाड़ियां पार्क करना भी एक अलग ही समस्या है, इस समस्या का समाधान भारत में तो शायद अभी न ही निकलें, लेकिन ब्रिटेन की राजधानी लंदन में फ्रेंच कंपनी स्टेनली रोबोटिक्स ने एक रोबोट तैयार किया है। जो गाड़ी को ड्रॉप-ऑफ जोन से पार्क करेंगे।

विज्ञापन


इस रोबोट का नाम स्टेन रखा गया है। रोबोट को मोबाइल ऐप के जरिए कंमाड दी जाएगी। इसमें  लिफ्ट जैसा एक इक्विपमेंट लगा है, जिसकी मदद से रोबोट गाड़ी को उठाता है और पार्किंग एरिया में ले जाकर खड़ा कर देता है। 

इस रोबोट का ट्रायल गेटविक एयरपोर्ट पर अगस्त से शुरू किया जाएगा। जिससे पहले कपंनी इस पर करीब तीन महीने तक ट्रायल करेगी। ट्रायल के लिए एक पार्किंग स्पेस बनाया जाएगा, जिसकी सतह काफी चिकनी होगी। सतह के चिकनी होेंने से रोबोट को चलने में आसानी होगी।
विज्ञापन


ट्रायल के लिए बनाई जाने वाली जगह में कम से कम 100 गाड़ियों के पार्क करने की क्षमता होगी। रोबोट बनाने वाली कंपनी के को-फाउंडर स्टीफन इवानो ने बताया, " कि हम इसे वैलेट पार्किंग रोबोट का नाम देंगे। क्योंकि लोगों को अपनी कार एयरपोर्ट के पार्किंग एरिया गेट पर छोडनी होती है। 

विज्ञापन

henn-na hotel in southern japan - फोटो : Social Media
वैसे तो प्रकृति से मिली बुद्धि का कोई विकल्प नहीं है। हाल ही में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (कृत्रिम बुद्धि) से काम करने वाले रोबोट से लोगों की नौकरियां जाने की कई खबरें आई थी, हालांकि बाद में जापान के होटल में रोबोट की कृत्रिम बुद्धि किसी काम की नहीं रही और उन्हें अपनी नौकरी गंवानी पड़ी। होटल को रोबोट की जगह पर फिर से इंसानों को नौकरी पर रखना पड़ा। 

जापान के होटल हेन ना की खास बात यह है कि यहां पहुंचने वाले ग्राहकों का चेक इन से लेकर चेक आउट तक का सारा काम 243 रोबोट करते हैं। जिन रोबोट्स को काम से हटाया गया है उनमें डॉल के आकार के असिस्टेंट भी शामिल हैं। 

चुरी नाम के ये रोबोट्स होटल के हर कमरे में यह सोचकर रखे गए थे कि स्थानीय जगह को लेकर ये होटल के मेहमानों के सवालों का जवाब दे पाएं। जब इनसे पूछा जाता कि 'थीम पार्क किस समय खुलता है' तो उनके पास सही जवाब नहीं होता था। 

होटल के कमरे में आए मेहमान गहरी नींद में अगर खर्राटे भरने लगते तो उनके खर्राटों की आवाज सुनकर ये रोबोट उन्हें तब तक सोने नहीं देता था जब तक कि गेस्ट खुद उसका जवाब नहीं दे देता। इससे ग्राहक नाराज होने लगे थे। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें