सेमीकंडक्टर की कमी के कारण मारुति सुजुकी इंडिया का उत्पादन अगस्त में सालाना आधार पर 8 फीसदी घटकर 1,13,937 इकाई रहा। अगस्त, 2020 में कंपनी ने 1,23,769 वाहनों का उत्पादन किया था।
मारुति ने बुधवार को बताया कि इलेक्ट्रॉनिक कलपुर्जे की कमी की वजह से अगस्त में उसका उत्पादन प्रभावित हुआ। जुलाई में उत्पादन सालाना आधार पर 58 फीसदी बढ़ा था।
दरअसल, सेमीकंडक्टर सिलिकन चिप है। इसका इस्तेमाल वाहन, कंप्यूटर, मोबाइल फोन और विभिन्न इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों में कंट्रोल एवं मेमोरी के लिए किया जाता है। हाल के दौरान ब्लूटूथ कनेक्टिविटी और ड्राइवर असस्टि जैसे नई इलेक्ट्रॉनिक फीचर्स की वजह से वाहन उद्योग में सेमीकंडक्टरों का इस्तेमाल बढ़ा है।
हालांकि, इसकी कमी के कारण उत्पादन पर असर पड़ा है। कंपनी के आंकड़ों के मुताबिक, आलोच्य महीने में उसके यात्री वाहनों का कुल उत्पादन सालाना आधार पर 1,21,381 से घटकर 1,11,368 इकाई रह गया। इस दौरान ऑल्टो और एसप्रेसो जैसी मिनी कारों का उत्पादन गिरकर 20,332 इकाई रहा, जो 2020 के समान महीने में 22,208 इकाई था।
वैगनआर, स्विफ्ट, बलेनो और डिजायर जैसी कॉम्पैक्ट कारों का उत्पादन 67,348 से कम होकर 47,640 इकाई रह गया। हालांकि, जिप्सी, अर्टिगा, विटारा ब्रेजा और एक्सएल6 जैसे यूटिलिटी वाहनों का उत्पादन बढ़कर 29,965 इकाई पर पहुंच गया।
इसी तरह, ईको वैन का उत्पादन भी बढ़कर 10,430 इकाई पर पहुंच गया, जबकि हल्के वाणिज्यिक वाहन सुपर कैरी का उत्पादन 2,569 इकाई रहा। अगस्त, 2020 में यह आंकड़ा 2,388 इकाई रहा था।