COVID-19 को फैलने को रोकने के लिए जो प्रतिबंध लगाए गए थे सरकार ने अब उन्हें धीरे-धीरे हटाना शुरू कर दिया है। अन्य बातों के अलावा, इसका मतलब है कि वाहन निर्माता देश भर में डीलरशिप और वर्कशॉप को फिर से खोल सकते हैं, जिससे वे नए ग्राहकों की सेवा कर पाएंगे और पुराने ऑर्डर को भी पूरा कर सकेंगे। मारुति सुजुकी के पास बहुत सारे ऑर्डर पड़े थे और यह बहुत जल्दी इन्हें पूरा कर रही है। कंपनी ने बताया कि लॉकडाउन की वजह से बंद हुए ग्राहक टचप्वाइंट को खोलने के बाद से वह अब तक भारत में 5,000 से अधिक मारुति सुजुकी कारों की डिलीवरी कर चुकी है।
Maruti Suzuki Ignis
मारुति सुजुकी इंडिया के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी केनिची आयुकावा ने कहा, "हम ग्राहकों की सेवा करके खुश हैं, जो अपनी पसंदीदा कार घर ले जाने का इंतजार कर रहे थे। कंपनी ने यह सुनिश्चित करने के लिए व्यापक मानदंड तय किए हैं कि उनकी कार खरीदने का अनुभव पूरी तरह सुरक्षित हो। ये मानदंड केंद्र और राज्य सरकारों के दिशानिर्देशों पर आधारित हैं। हम अपने ग्राहकों को डिजिटल रूप से अपनी कार चुनने और बुक करने के लिए प्रोत्साहित करना चाहते हैं और अपने नए वाहनों की होम डिलीवरी की सुविधा का लाभ उठाएं। मैं सभी नागरिकों से अपील करना चाहूंगा कि वे सरकार द्वारा जारी स्वास्थ्य सलाह और दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन करें। मुझे विश्वास है कि साथ मिलकर हम और मजबूत बनेंगे।"
Maruti Suzuki Car showroom
- फोटो : Social Media
कंपनी के भारत में अपने नेटवर्क में कुल 3,086 शोरूम हैं और उनमें से अब तक 1,350 मारुति सुजुकी शोरूम और 300 से अधिक ट्रू वैल्यू आउटलेट फिर से खोल दिए गए हैं। मारुति सुजुकी ने यह भी आश्वासन दिया कि उसने बहुत सारे सुरक्षा उपायों को लागू किया है ताकि कर्मचारियों और ग्राहकों दोनों को सुरक्षित रखा जा सके। वाहन निर्माता ने कहा कि उसने व्यापक दिशानिर्देशों को लागू किया है ताकि भारत में सभी मारुति सुजुकी शोरूमों और अन्य ग्राहक टचपॉइन्ट्स पर स्वच्छता और सैनेटाइजेशन के उच्चतम स्तर को सुनिश्चित किया जा सके।
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भारत में मार्च 2020 के आखिर में लाकडाउन की वजह से बंद हुए अपने कारखानों को मारुति सुजुकी ने फिर से शुरू करने की प्रक्रिया चालू कर दी है। कंपनी ने अभी तक हरियाणा में मानेसर और गुरुग्राम स्थिति प्लांट में उत्पादन शुरू कर दिया है। वहीं गुजरात स्थित प्लांट में काम फिर से शुरू करने के लिए अधिकारियों की अनुमति नहीं मिली है।