Maruti Suzuki और Mahindra and Mahindra जल्द ही कारों में डीजल इंजन से तौबा कर सकती हैं। दोनों ही कंपनियां डीजल कारों पर निर्भरता खत्म करने की योजना पर काम कर रही हैं। मारुति ने इस बारे में अपनी पेरेंट कंपनी सुजुकी मोटर कॉर्पोरेशन से बातचीत भी शुरू कर दी है।
इसके अलावा सरकार के नए नियमों के मुताबिक 1 अप्रैल 2020 से देश में बीएस-6 इंजनों की बिक्री होनी है। साथ ही, कारपोरेट एवरेज फ्यूल एफिशिएंसी के तहत को अपने उत्सर्जन में कटौती करने की जरूरत होगी और ज्यादा माइलेज देना होगा। वहीं डीजल इंजन इन मापदंडों पर खरे नहीं उतरते हैं। इससे पहले मारुति ने योजना के तहत अपने डीलरों से सीएनजी डिस्पेंसिंग स्टेशंस का लाइसेंस लेने के लिए कहा था। कंपनी की योजना है कि 2022 तक 2 लाख पैसेंजर वाहन हर साल बेचे जाएं।
वहीं मारुति को पार्ट्स सप्लाई करने वाले एक सप्लायर का कहना है कि फिएट ने मारुति को पहले ही सूचित कर दिया है कि 31 मार्च 2020 के बाद बीएस-6 नियम लागू होने के बाद वह 1.3 लीटर वाले डीजल इंजन की सप्लाई नहीं कर पाएगी। यह इंजन मारुति के कई मॉडल्स स्विफ्ट, अर्टिगा, बलेनो, एस-क्रॉस और सियाज में दिया जाता है। वहीं मारुति अब अपना 1.5 लीटर का डीजल इंजन ला रही है, जो बीए-6 मानकों के मुताबिक होगा।