दोपहिया वाहन निर्माता Bajaj Auto (बजाज ऑटो) और TVS Motor (टीवीएस मोटर) अस्थायी तौर पर वेतन में कटौती का फैसला पहले ही कर चुके हैं। वित्तीय वर्ष 2020 में सबसे ज्यादा प्रभावित हुए Tata Motors (टाटा मोटर्स) और Ashok Leyland (अशोक लीलैंड) जैसे कमर्शियल वाहन निर्माता भी जल्द ही ऐसा ही रास्ता अपना सकते हैं।
नौकरी बचाने का रास्ता!
बजाज ऑटो के एमडी राजीव बजाज ने कहा है कि उन्हें लॉकडाउन अवधि के दौरान वेतन नहीं मिलेगा। अपोलो टायर्स के सीएमडी ओंकार कंवर और वाइस चेयरमैन नीरज कंवर वित्त वर्ष 2021 में 25 फीसदी की कटौती के साथ वेतन लेंगे। उम्मीद है कि TVS Motor का शीर्ष प्रबंधन भी वित्त वर्ष 2021 में कटौती के साथ वेतन लेगा। अन्य कर्मचारियों को इस साल वार्षिक वेतन वृद्धि (इंक्रीमेंट) नहीं दिया जा सकता है।
एक ऑटो कंपनी के एचआर प्रमुख ने कहा कि बिक्री बंद है ऐसे में ज्यादातर कंपनियां वेतन जैसे निश्चित लागत (फिक्स्ड कॉस्ट) में कटौती करके छंटनी से बचने की कोशिश कर रही हैं।
पीएम की अपील का क्या होगा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नियोक्ताओं से अपील की है कि वे यह सुनिश्चित करें कि लोगों को बर्खास्त न किया जाए और उन्हें वेतन दिया जाए।
टीवीएस मोटर ने अपने कर्मचारियों को इंक्रीमेंट लेटर नहीं भेजा है, जो हर बार एक अप्रैल को भेज दिया जाता था।
सरकार ने तीन सप्ताह का लॉकडाउन लागू किया था जो 25 मार्च से शुरू होकर 14 अप्रैल को खत्म होने वाला था। अब इसे 3 मई तक बढ़ा दिया गया है।
बजाज ऑटो करेगा कटौती
बजाज ऑटो ने 15 अप्रैल से 3 मई तक की अवधि के वेतन में कटौती की है। बजाज ने अपने कर्मचारियों से कहा है कि, "15 अप्रैल से हम सभी स्तरों पर मासिक फिक्स्ड ग्रॉस इनकम में कटौती को लागू करने पर विचार कर रहे हैं। कंपनी ने कहा, "हमारे प्रबंध निदेशक ने यह पहल की है और तय किया है कि इसे लागू किया जाना चाहिए, वह इस अवधि के दौरान कोई वेतन नहीं लेंगे।"
इन कंपनियों में अलग-अलग नीति
चेन्नई स्थित Ashok Leyland (अशोक लीलैंड) पूरे बोर्ड की वेतन कटौती की घोषणा करने के करीब है। कंपनी के प्रवक्ता ने आंतरिक मामलों पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। टाटा मोटर्स ने भी टिप्पणी करने से मना कर दिया। हालांकि, इस मामले से अवगत लोगों ने कहा कि कंपनी ने इस मामले पर अंतिम निर्णय नहीं लिया है।
कुछ वाहन निर्माता जैसे Hero MotoCorp (हीरो मोटोकॉर्प) और Eicher Motors (आयशर मोटर्स) ने विक्रेताओं के भुगतान को स्थगित कर दिया, जिससे पता चलता है कि आने वाले समय में नगदी को लेकर चुनौतियां पेश आ सकती हैं। हालांकि, बाद में हीरो मोटोकॉर्प ने इस तरह के कदम उठाने के खिलाफ हो गई।
ऑटो कंपोनेंट मेकर्स
ज्यादातर ऑटो कंपोनेंट निर्माताओं ने मार्च महीने के वेतन का भुगतान किया है, लेकिन अप्रैल में कोई काम नहीं हुआ है ऐसे में कई का संघर्ष बढ़ सकता है। Apollo Tyres (अपोलो टायर्स) के अलावा, Exide Industries (एक्साइड इंडस्ट्रीज) ने नकदी प्रवाह की चुनौतियों का प्रबंधन करने के लिए पहले ही वेतन कटौती की घोषणा कर दी है।
एक्साइड इंडस्ट्रीज के एमडी और सीईओ गौतम चटर्जी द्वारा जारी एक आंतरिक सर्कुलर के अनुसार, कंपनी संकट के दौरान प्रबंधन की नौकरियों को सुरक्षित रखेगी, ऊपरी स्तरों पर चुनिंदा लोगों के वेतन में 15-30 फीसदी की कटौती की जाएगी। इस तिमाही के अंत में इसकी समीक्षा की जा सकती है।
महिंद्रा की सोच अलग
Mahindra & Mahindra (महिंद्रा एंड महिंद्रा) के सूत्रों ने कहा कि कंपनी यात्रा, बुनियादी ढांचे और पूंजीगत व्यय जैसे क्षेत्रों में लागत में कटौती करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि मैन्युफैक्चरिंग (विनिर्माण) कंपनियों के लिए ये खर्चे ज्यादा बड़े हैं और इसकी तुलना में कर्मचारियों का वेतन बिल कम है। उन्होंने कहा कि वेतन कटौती अंतिम विकल्प हो सकता है। एक व्यक्ति ने कहा कि महिंद्रा अपने ट्रैक्टर के कारोबार और सामान्य मानसून की भविष्यवाणी के कारण एक हद तक सुरक्षित है। कंपनी के एक प्रवक्ता ने इस पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।