गौरतलब हो,जब मौद्रिक नुकसान की भरपाई इंश्योरेंस कराने वाला व्यक्ति करता है तो इसे डिडक्टबल कहा जाता है। यह जरूरी या स्वैच्छिक होता है। एक ऐसी पॉलिसी, जिसमें कार की आईडीवी करीब 6.5 लाख रुपए है और इंश्योरेंस 18,930 रुपए का लोअर प्रीमियम ऑफर करता है तो इसमें आपको करीब 5,000 रुपए का वॉलन्टरी डिडक्टबल कंपोनेंट भी ऑफर किया जाता है।
ध्यान रहें कि अगर आप दूसरे इंश्योरर के पास शिफ्ट होते हैं और पिछले इंश्योरर के साथ किए गए क्लेम के बारे में नहीं बताते हैं तो आपको नए इंश्योरेंस से डिस्काउंटेड प्रीमियम मिल सकता है और यह आपके लिए फायदे का सौदा हो सकता है।
असल समस्या उस समय खड़ी होती है, जबकि आप नए इंश्योरर के यहां कोई क्लेम करते हैं। कंपनी आपकी क्लेम हिस्ट्री को जांचने के लिए आपके पिछले इंश्योरर से संपर्क करेती है। अगर क्लेम के समय पॉलिसीधारक की तरफ से कोई गलती सामने आती है तो इंश्योरेंस कंपनी उनके क्लेम को खारिज भी कर सकती है।
आमतौर पर एजेंट्स पॉलिसी बेचते समय बॉयर्स को ऐसी ट्रिक्स के बारे में बताते हैं और कंज्यूमर भी अक्सर राजी हो जाते हैं, लेकिन क्लेम खारिज होने पर उन्हें ही इसका नतीजा भुगतना पड़ता है।