ये बात हम नहीं बल्कि ये आंकड़े सेव लाइफ फाउंडेशन द्वारा दिल्ली और महाराष्ट्र में किए गए सैंपल साइज सर्वे के बाद जारी किए गए हैं। फाउंडेशन ने मोटर व्हीकल लागू होने से पहले और बाद में दोनों राज्यों की 3 प्रमुख सड़कों पर सर्वे कराया है। इस बारे में फाउंडेशन के सीईओ पीयूष तिवारी ने कहा कि एक्ट लागू होने से पहले 1190 वाहन चालकों को और बाद में 1290 चालकों को इस सर्वे में शामिल किया गया था। रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली में सीट बेल्ट लगाने वाले बस ड्राइवरों की संख्या में 80 फीसदी का इजाफा देखने को मिला जबकि पहले यह आंकड़ा सिर्फ 8 फीसदी ही था।
दिल्ली समेत कई राज्यों में लोग सुबह से लेकर रात तक गाड़ी का प्रदूषण प्रमाण पत्र लेने के लिए लाइन में खड़े नजर आ जायेंगे, यानी ये वही लोग हैं जो मोटर व्हीकल लागू होने से पहले बिना प्रदूषण प्रमाण पत्र के ही गाड़ी चला रहे थे। हम नए मोटर वाहन कानून (Motor Vehicle Act 2019) की सराहना करते हैं सरकार की तरफ से यह वाकई एक अच्छा कदम है क्योंकि डर से ही सही कम से कम लोग ट्रैफिक नियमों का पालान तो करेंगे। इससे सड़क हादसों में कमी आएगी।