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कोरोना का कहर: ह्यूंदै ने चेन्नई प्लांट बंद करने का किया एलान, इसलिए लेना पड़ा यह फैसला

Tue, 25 May 2021 12:02 PM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Hyundai Motor (ह्यूंदै मोटर) ने कोविड-19 संक्रमण के बढ़ते मामलों और अपने कर्मचारियों में संक्रमण फैलने की चिंताओं के बीच अपने चेन्नई स्थित प्लांट को बंद करने का एलान किया है। तमिलनाडु भारत में कोरोना महामारी से सबसे ज्यादा प्रभावित राज्यों में से एक है जहां हर दिन 30,000 से ज्यादा मामले सामने आ रहे हैं।
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Hyundai Car Plant - फोटो : For Representation Only
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विस्तार
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देश की दूसरी सबसे बड़ी ऑटोमोबाइल कंपनी Hyundai Motor (ह्यूंदै मोटर) ने कोविड-19 संक्रमण के बढ़ते मामलों और अपने कर्मचारियों की चिंताओं को देखते हुए अपने चेन्नई स्थित प्लांट को बंद करने का एलान किया है। कंपनी ने कहा है कि प्लांट आज (मंगलवार) से पांच दिनों तक बंद रहेगा। कोरियाई कार निर्माता ने एक बयान जारी किया और कहा कि उसने कोविड-19 महामारी की दूसरी लहर और तमिलनाडु सरकार द्वारा लगाए गए लॉकडाउन जैसे कड़े प्रतिबंधों के बीच प्लांट में उत्पादन को कुछ समय के लिए बंद करने का फैसला किया है। 
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राज्य में रोजाना 30,000 से ज्यादा मामले

पिछले हफ्ते राज्य सरकार ने तमिलनाडु में 31 मई तक एक और हफ्ते के लिए लॉकडाउन का विस्तार करने का फैसला किया था। बता दें कि तमिलनाडु अपने ऑटोमोबाइल प्लांटों के लिए भारत के डेट्रॉइट के रूप में जाना जाता है। बता दें कि डेट्रॉइट अमेरिका के मध्य-पश्चिमी राज्य मिशिगन का सबसे बड़ा शहर है। ऑटो इंडस्ट्री के साथ शहर के गहरे संबंधों की वजह से इसे "मोटर सिटी" कहकर भी पुकारा जाता है। 

हालांकि, राज्य ने ऑटो सेक्टर सहित कुछ उद्योगों को लॉकडाउन के बीच काम जारी रखने की इजाजत दी थी। तमिलनाडु भारत में कोरोना महामारी से सबसे ज्यादा प्रभावित राज्यों में से एक है जहां हर दिन 30,000 से ज्यादा मामले सामने आ रहे हैं।

ह्यूंदै ने कही यह बात

ह्यूंदै मोटर इंडिया लिमिटेड (एचएमआईएल) ने एक बयान जारी कर कहा, "तमिलनाडु में मौजूदा स्थिति को देखते हुए, ह्यूंदै प्रबंधन ने 25 मई 2021 से 29 मई 2021 तक 5 दिनों के लिए प्लांट के संचालन को अस्थायी रूप से निलंबित करने का फैसला किया है।" 

यह फैसला ऐसे समय में आया है जब कोरियाई कार निर्माता अगले महीने भारत में अपनी पहली तीन-पंक्ति वाली एसयूवी Alcazar (अलकाजार) लॉन्च करने की योजना बना रही है। हड़ताल से इस नई 7-सीटर अलकाजार एसयूवी के उत्पादन पर असर पड़ सकता है। 

ह्यूंदै ने क्या नहीं बताया

ह्यू्ंदै ने कहा कि अपने कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एहतियात के तौर पर यह निर्णय लिया गया है। बयान में कहा गया है कि, "कोविड-19 महामारी की चल रही दूसरी लहर के दौरान कंपनी ने कार्यबल को सशक्त बनाने, सक्षम करने और समर्थन देने के लिए कई सक्रिय और प्रगतिशील कदम उठाए हैं।"

हालांकि ह्यूंदै ने अपने बयान में जो नहीं बताया वह यह है कि कंपनी ने यह कदम मजदूरों की नाराजगी सामना आने के बाद उठाया है जो कोविड-19 मामलों की बढ़ती संख्या के बारे में चिंतित हैं। रिपोर्ट के मुताबिक ह्यूंदै मोटर इंडिया एम्प्लॉइज यूनियन के अध्यक्ष ई मुथुकुमार ने समाचार एजेंसी के हवाले से कहा, "कोविड के कारण दो कर्मचारियों की मौत के बाद मजदूरों द्वारा सुरक्षा पर चिंता जताने के बाद प्रबंधन प्लाटं को बंद करने पर राजी हुई है।"
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ह्यूंदै के चेन्नई स्थित प्लांट में उत्पादन बंद करने का फैसला ऐसे समय में आया है जब अन्य कार निर्माता भी कोविड-19 संक्रमण के बढ़ते मामलों के डर से अपने कर्मचारियों की इसी तरह की नाराजगी का सामना कर रहे हैं। चेन्नई में Renault-Nissan (रेनो-निसान) के प्लांट में कर्मचारी हड़ताल पर जाने की धमकी दे रहे हैं। 

रेनो-निसान ऑटोमोटिव इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के कर्मचारियों ने बुधवार (26 मई) से हड़ताल पर जाने का एलान कर दिया है। मजदूरों का प्रतिनिधित्व करने वाले एक संगठन ने सोमवार को एक चिट्ठी में कंपनी को बताया कि कोविड-19 से संबंधित उनकी सुरक्षा मांगें पूरी नहीं हुई हैं। रेनो-निसान इंडिया थोझीलालार संगम (आरएनआईटीएस) ने कहा है कि जब तक प्लांट में उनकी सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की जाती वह काम पर नहीं लौटेंगे।  

बता दें कि तमिलनाडु में फ्रांस की निसान मोटर और उसकी जापानी सहयोगी रेनो के संयुक्त स्वामित्व वाले प्लांट में हड़ताल की धमकी, मजदूरों के आरोपों पर अदालत की सुनवाई से पहले आई है। मजदूरों का कहना है कि प्लांट में सामाजिक दूरी के मानकों का उल्लंघन किया जा रहा है और कारखाने की स्वास्थ्य नीतियां उनके जीवन को जोखिम में डाल रही हैं। मजदूर मेडिकल इमरजेंसी के मामले में दिए जाने वाले मेडिकल कवर से भी खुश नहीं हैं। 
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