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पेट्रोल-डीजल से मिलेगा छुटकारा: ज्यादा माइलेज और स्पीड वाली हाइड्रोजन गाड़ियों की तैयारी

Tue, 08 Jun 2021 12:16 PM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

दुनियाभर में जलवायु परिवर्तन और वायु प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए कई गंभीर प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिए कम से कम कीमत पर हाइड्रोजन गैस तैयार करने और कम गैस पर ज्यादा से ज्यादा माइलेज देनेवाली टेक्नोलॉजी को भी विकसित किया जा रहा है। 
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Renault Logan Hydrogen Car - फोटो : For Reference Only
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विस्तार
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दुनियाभर में जलवायु परिवर्तन के मुद्दे पर कई प्रयास किए जा रहे हैं। इसके साथ ही वायु प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए विश्व के बड़े देशों ने अपने कार्बन उत्सर्जन को कम करने की दिशा में भी लक्ष्य तय किए हैं। इस मकसद को हासिल के लिए बैटरी से चलने वाले इलेक्ट्रिक व्हीक्लस को बढ़ावा दिया जा रहा है। अब इसी कड़ी में हाइड्रोजन से चलने वाले वाहनों को भी बढ़ावा दिया जाएगा। इसके लिए कम से कम कीमत पर हाइड्रोजन गैस तैयार करने और कम गैस पर ज्यादा से ज्यादा माइलेज देनेवाली टेक्नोलॉजी को भी विकसित किया जा रहा है। 
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बता दें कि देश की राजधानी दिल्ली और कई शहरों में वाहनों से होने वाला प्रदूषण एक बड़ी समस्या बना हुआ है। इससे हवा की क्वालिटी पर बहुत बुरा असर पड़ा है। प्रदूषित हवा की वजह से सांस लेने संबंधी बीमारियों के मरीजों की संख्या में भी लगातार इजाफा हुआ है। इस समस्या से निपटने के लिए साइंस एंड टेक्नोलॉजी विभाग लगातार काम कर रहा है। 
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250 किमी का रेंज

वाहन निर्माता कंपनियां पेट्रोल, डीजल, सीएनजी और एलपीजी के बाद सेमी हाइब्रिड और फुली हाइब्रिड कारों को बना कर लोगों को अपनी तरफ आकर्षित कर रही हैं। लेकिन अब ऑटोमोबाइल कंपनियां नेक्स्ट फ्यूल सेल (हाइड्रोजन पावर फ्यूल) से चलने वाली गाड़ियों को भी पेश करने की तैयारी में हैं। 

बता दें कि हाल ही में भारत की पहली हाइड्रोजन कार का सफल परीक्षण किया गया है। इस कार को काउंसिल ऑफ साइंटिफिक एंड इंडस्ट्रियल रिसर्च काउंसिल ने एक निजी कंपनी के साथ मिलकर तैयार किया है। इस कार के टैंक की क्षमता 1.75 किलोग्राम हाइड्रोजन की है। हाइड्रोजन गैस के ईंधन पर चलने वाली यह कार फुल टैंक होने और 65 से 70 किलोमीटर प्रति घंटा की स्पीड से चलने पर करीब 250 किलोमीटर तक का सफर तय कर सकती है। 

इस कार की तकनीक को पूरी तरह से देश में तैयार किया गया है। अब हाइड्रोजन गैस की इस टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल जल्द ही सार्वजनिक परिवहन जैसे बसों और ट्रकों जैसे व्यावसायिक वाहनों में भी इस्तेमाल किया जा सकता है। 
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