देश की प्रमुख वाहन निर्माता कंपनी होंडा कार्स इंडिया लिमिटेड (एचसीआईएल) ने मंगलवार को एलान किया कि वह अब अपनी कारों में नई एंटीवायरस केबिन एयर-फिल्टर की पेशकश करेगी। इस एयर-फिल्टर की खासियत यह है कि यह हानिकारक कीटाणु, एलर्जी पैदा करने वाले पदार्थों और यहां तक कि वायरस की एक बड़ी रेंज को पकड़ने में प्रभावी है, जिनसे स्वास्थ्य से जुड़ी कई अहम समस्याएं पैदा हो सकती हैं।
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होंडा एंटीवायरस केबिन एयर-फिल्टर को एक ग्लोबल टेक्नोलॉजी ग्रुप फ्रुडेनबर्ग के साथ मिलकर तैयार किया गया है। कंपनी के मुताबिक यह भविष्य के खोजों के जरिए ग्राहकों और समाज को मजबूत बनाता है। इसकी स्टैंडर्ड होंडा पोलेन फिल्टर के विकल्प और होंडा की वास्तविक नई एक्सेसरी के रूप में पेशकश की गई है। यह नया केबिन एयर फिल्टर वायरल एरोसोल की संख्या को खासा घटाकर एक्टिव प्रोटेक्शन (सक्रिय सुरक्षा) उपलब्ध कराता है।
यह विशेष मल्टी लेयर डिजाइन में बनाया गया है जो हानिकारक पर्यावरणीय गैसों के साथ ही अकार्बनिक और जैविक कणों और एरोसोल को प्रभावी रूप से पकड़ता है, फिल्टर करता है और उनका खात्मा कर देता है। मोटर वाहनों में यात्रा के दौरान जोखिम कम करने के मामले में, होंडा एंटीवायरस केबिन एयर-फिल्टर अभी तक उपलब्ध सबसे अच्छी सुरक्षा में से एक की पेशकश करता है।
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क्या है एंटीवायरस केबिन एयर फिल्टर
Honda Antiviral Cabin Air Filter
- फोटो : Honda
वाहन के केबिन में संक्रमण संबंधी जोखिम घटाने की दिशा में, सामान्य रूप से ताजा हवा की आपूर्ति बढ़ाने की सिफारिश की जाती है क्योंकि इससे एरोसोल्स की संख्या घटती है। रि-सर्कुलेशन मोड में, हवा से वायरसों को हटाना काफी हद तक फिल्टरेशन सिस्टम और एयर एक्सचेंज रेट की क्षमता पर निर्भर करता है। लीफ एक्सट्रैक्ट के सक्रिय पदार्थ से युक्त पहली माइक्रोफाइबर बायो-फंक्शनल लेयर एलर्जी पैदा करने वाले पदार्थों के साथ ही बैक्टीरिया को प्रभावी रूप से निष्क्रिय करती है और उन्हें केबिन की हवा में जाने से रोकता है। होंडा एंटीवायरस केबिन एयर-फिल्टर की अन्य लेयर अधिकांश वायरसों, बेहद सूक्ष्म एरोसोल, धूल और पोलेन को पकड़ती हैं। जबकि एक्टिव कार्बन से बनी लेयर हानिकारक अम्लीय गैसों, पीएम 2.5 जैसे प्रदूषकों और कणों को सोखने के लिए जवाबदेह है।
कैसे फैलता है वायरस
वायरस आम तौर पर पानी की बूंदों से फैलते हैं, जो तब पैदा होती हैं जब संक्रमित व्यक्ति छींकता है, खांसता है या सांस लेता है। और वे घंटों या दिनों तक सतहों पर संक्रामक बने रह सकते हैं। हवा की गड़बड़ी और तापमान में बदलाव और आर्द्रता इन कणों को फिर से हवा में ले जा सकते हैं, उस समय उन्हें फिल्टर से पकड़ा जा सकता है।
एंटीवायरस केबिन एयर-फिल्टर में छोटे कणों को छानने वाली लेयर वायरस संचरण के खिलाफ स्टैंडर्ड फिल्टरों की तुलना में बेहतर सुरक्षा उपलब्ध कराती है। नया होंडा एंटीवायरस केबिन एयर-फिल्टर वायरस एरोसोल्स (5 μm से खासी छोटी बूंद) को पकड़ सकता है और दूसरे नवीन कदम से लीफ एक्सट्रैक्ट के सक्रिय पदार्थ के लेप वाली बायो-फंक्शनल लेयर के माध्यम से 100 प्रतिशत वायरल लोड निष्क्रिय कर दिए जाते हैं।
भारत की सभी होंडा कारों की डीलरशिप पर इस नए एंटीवायरस केबिन एयर-फिल्टर की आपूर्ति की जा सकती है और लगाया जा सकता है, जो अब सभी नए होंडा के मॉडलों के लिए उपलब्ध है।
इस मौके पर होंडा कार्स इंडिया लि. के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट और निदेशक, विपणन और बिक्री राजेश गोयल ने कहा, "कीटाणुओं, वायरस और केबिन की हवा की गुणवत्ता को लेकर चिंताएं बढ़ने के साथ और वायु की गुणवत्ता के साथ समझौते के कारण स्वास्थ्य को होने वाले संभावित खतरों को कम करने के लिए यह एक सक्रिय समाधान और रक्षा प्रणाली उपलब्ध कराने का एक जागरूक प्रयास है। यह एलर्जी रोधी और एंटीवायरस केबिन एयर-फिल्टर होंडा के अपने आपूर्तिकर्ताओं के साथ मिलकर काम करने का बेहतरीन उदाहरण है, जो चालक और कार में बैठे लोगों के स्वास्थ्य और सुरक्षा में सुधार करता है। हमें भविष्य में ऐसे सुरक्षात्मक समाधानों की मांग तेजी से बढ़ने का अनुमान है।"