सबसे बड़े उपभोक्ता आयोग एनसीडीआरसी ने जर्मन ऑटोमोबाइल कंपनी बीएमडब्ल्यू को दुर्घटना में क्षतिग्रस्त हुई कार के बदले एक ग्राहक को वही मॉडल की एक नई कार देने का निर्देश दिया है। राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (एनसीडीआरसी) ने बजाज एलियांज जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड और बीएमडब्ल्यू को दिल्ली निवासी मुकुल अग्रवाल को हुए नुकसान की भरपाई करने के लिए कहा है। अग्रवाल की कार एक दुर्घटना का शिकार हो गई थी और उसका बीएमडब्ल्यू सिक्योर पॉलिसी के तहत बीमा किया गया था।
बीएमडब्ल्यू सिक्योर पॉलिसी के तहत, एक क्षतिग्रस्त वाहन को हुए कुल नुकसान की एक सर्वे रिपोर्ट की पुष्टि के बाद उसे एक नए वाहन के साथ बदल दिया जाता है। एनसीडीआरसी ने कंपनी को अग्रवाल को उसके द्वारा भुगतान किए गए पंजीकरण शुल्क, सड़क कर और रसद सहित सभी खर्चों का भुगतान करने के लिए कहा।
एनसीडीआरसी का दरवाजा खटखटाया
एनसीडीआरसी ने राज्य आयोग के आदेश को बरकरार रखते हुए बीएमडब्ल्यू और बीमा कंपनी द्वारा दायर पुनर्विचार याचिका को खारिज कर दिया। साथ ही इसे अग्रवाल के दावे को खारिज करने के लिए खराब सेवा का दोषी ठहराया। अग्रवाल ने जुलाई 2012 में एक दुर्घटना में उनके वाहन को बुरी तरह से क्षतिग्रस्त होने के बाद उपभोक्ता आयोग का दरवाजा खटखटाया था।
एनसीडीआरसी की पीठासीन सदस्य ने यह कहा
एनसीडीआरसी की पीठासीन सदस्य दीपा शर्मा ने कहा, "अब, जब से यह साबित हो गया है कि बीमा कंपनी (बजाज आलियांज) द्वारा शिकायकर्ता के दावे का खण्डन गलत था और उन्होंने सेवा प्रदान करने में कमी की, इसलिए बीएमडब्ल्यू सिक्योर पॉलिसी के तहत, शिकायतकर्ता अपीलकर्ता से एक नई कार के हकदार हैं।"
शर्मा ने कहा कि अग्रवाल को पुरानी कार के बदले में बीएमडब्ल्यू की सीरीज 3 320 डी मॉडल की एक नई कार दी जाए।