जनवरी से अगस्त में वाहनों का रजिस्ट्रेशन 61,198 यूनिट्स गिरकर 425,691 यूनिट्स रह गई। साल 2014 के बाद ऐसा पहली बार है जब 12.6 फीसदी की गिरावट देखने को मिली। वहीं दोपहिया वाहनों का रजिस्ट्रेशन 13 फीसदी यानी 43,182 यूनिट्स से घटकर 286,467 रह गया। इस समय दिल्ली में कुल 11,094,474 वाहन रजिस्टर्ड हैं जिनमें टू-व्हीलर्स की संख्या 7,311,731 यूनिट्स और फोर व्हीलर्स की संख्या 3,340,086 है।
पिछले 6 सालों में सबसे बड़ी गिरावट
वाहन रजिस्ट्रेशन जून, जुलाई और अगस्त में विशेष रूप से कम रहा है।
-
अगस्त 2018: 62,000 वाहनों का रजिस्ट्रेशन
-
अगस्त 2019: 49,000 वाहनों का रजिस्ट्रेशन
-
अगस्त 2017: 54,000 वाहनों का रजिस्ट्रेशन
-
अगस्त 2016: 56,000 वाहनों का रजिस्ट्रेशन
-
अगस्त 2015: 54,000 वाहनों का रजिस्ट्रेशन
-
अगस्त 2014: 46,249 वाहनों का रजिस्ट्रेशन
सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (सियाम) की तरफ से जारी आंकड़ों के मुताबिक, अगस्त में यात्री वाहन की बिक्री 31.57 फीसदी सालाना की दर से 196,524 यूनिट्स पर आ गई है। यात्री कार की बिक्री 41.09 फीसदी गिरकर 115,957 यूनिट्स हो गई। वही ट्रक और बसों की बिक्री में भी 39 फीसदी की गिरावट दर्ज हुई है । जबकि टू-व्हीलर्स की बिक्री में 22 फीसदी की गिरावट आई है। पिछले 10 महीनों से भारतीय ऑटोमोबाइल की बिक्री में गिरावट देखने को मिल रही है और अगस्त महीने में अब तक की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। ऑटो सेक्टर में आई इस मंदी की वजह से हजारों कर्मचारियों को नौकरी से निकाला जा रहा है।